भरवेली माईन धसकने से एक श्रमिक की मौत,एक घालय

प्राइवेट कंपनी के श्रमिक मृतक परिवार को 10 से 15 लाख के मध्य मिलेगा मुआवजा,बड़ती खदान दुर्घटनायें चिंता का विषय

बालाघाट:  जिला मुख्यालय से 5 किलोमीटर दूर मॉयल लिमिटेड भरवेली खदान में 26 नवम्बर को 15 लेबल भूमिगत खदान में कार्य करते हुए खदान धसकने से दुर्घटना में एक श्रमिक की मृत्यु हो गयी, जिसका पुलिस ने पीएम करवाकर शव परिजनों को सौप दिया है। इस घटना में एक अन्य श्रमिक को मामूली चोटे आई, जिसका उपचार जारी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार बालाघाट मॉयल के भूमिगत खदान 15 लेबल में सुबह 11 बजे के आसपास पहली पाली में कार्य कर रहे पी.के.जे.टी. प्राईवेट कंपनी के श्रमिक चैतराम लिल्हारे पिता जयराम लिल्हारे उम्र 35 वर्ष ग्राम अमेड़ा निवासी साईड वाल गिरने के चपेट में आने के कारण मृत्यु हो गई। जबकि एक अन्य साथी श्रमिक उमेश पांचे 32 वर्ष ग्राम भरवेली हीरापुर निवासी आंशिक रूप से घायल हुए, जिसका उपचार जारी है। मृतक उपरोक्त कंपनी में विगत चार वर्षो से कार्यरत था। दूसरे श्रमिक का कार्यकाल भी इसी अवधि का है।

इस घटना की जानकारी मिलते ही तत्काल दोनों श्रमिकों को मॉयल अस्पताल ले जाया गया था पर चैतराम को नहीं बचाया जा सका। वहीं प्रबंधन द्वारा इस घटना की विधिवत जानकारी स्थानीय पुलिस थाने में दे दी गई है। मॉयल प्रबंधन व पी.के.जे.टी प्रबंधन ने उपरोक्त घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे परिवार के एक सदस्य की क्षति की संज्ञा दी है। तत्कालिक रूप से मृतक परिवार को देढ लाख नगद एडवांस देने के साथ अंतिम संस्कार के लिये 10 हजार रूपये प्रदान किये गये। मृतक श्रमिक के परिवार को विभिन्न तरह की सभी क्षतिपूर्ति की राशि लगभग 10 से 15 लाख मुआवजा के रूप में मिलने की संभावना अनुमानित है।

वहीं घायल श्रमिक को भी सभी तरह की चिकित्सा सुविधा व अन्य सुविधाएं पी.के.जे.टी. कंपनी द्वारा प्रदान की जायेगी। इस घटना से एक बार फिर मॉयल लिमिटेड के भूमिगत खदान में सुरक्षा प्रबंध को लेकर अनेक प्रकार के सवाल जनचर्चाओं के केन्द्र बन गये है। चूंकि घटना के समय खान प्रबंधक निलेश खेडेकर एवं अभिकर्ता एवं संयुक्त महाप्रबंधक समूह-1आर.यू.सिंह जबलपुर में थे। जैसे ही उन्हें दुर्घटना की जानकारी मिली वह वापस बालाघाट के लिये निकल चुके थे। मार्ग में होने के कारण उनसे दूरभाष पर सम्पर्क करने में कठिनाई आ रही थी इस कारण उनका पक्ष सामने नही आ पाया।

वहीं मॉयल   प्रबंधन द्वारा दुर्घटना की जानकारी डी.जी.एम.एस. नागपुर  भी दे दी गई है। वहीं मॉयल कामगार संगठन के स्थानीय शाखा पदाधिकारियों द्वारा घटना पर दुख प्रकट करते हुए मृतक श्रमिक के प्रति अपनी श्रद्धासुमन अर्पित करने के साथ मॉयल प्रबंधन से भूमिगत खान में सुरक्षा प्रबंध की समीक्षा करने एवं मृतक परिवार के सदस्यों को सभी आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की मांग मॉयल प्रबंधन से की गई है ताकि पुन: दुर्घटना की परिस्थिति उत्पन्न न हो सके।

बड़ती हुई दुर्घटना निश्चित रूप से चिंता के साथ मंथन का विषय भी है। मृतक का जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम पश्चात परिवार को शव सौंप दिया गया। इनका कहना है मृतक के साथ काम कर रहे श्रमिक गुलाबसिंह टेकाम ने कहा कि कुल 15 श्रमिक इस कंपनी के उपरोक्त क्षेत्र में कार्यरत थे और कार्य के पहले पूर्ण सुरक्षा प्रबंध का टेस्ट करने के बाद कार्य प्रारंभ किया गया था तभी यह घटना घटित हुई है। कुछ समझ नहीं आया कि आखिर सुरक्षा प्रबंध का उपयोग रते हुए भी यह घटना कैसे घट गई। दुर्घटना के तकनीकी कारण क्या है यह डी.जी.एम.एस. की जांच के पश्चात ही सामने आ पायेगा। गुलाबसिंह टेकाम मृतक के साथी श्रमिक
भरवेली

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