इंदौर के दो सबसे सक्रिय विधायक

सियासत

यदि इस बात का आंकलन किया जाए कि अपने विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक सक्रिय कौन से विधायक हैं तो विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 1 के विधायक संजय शुक्ला और क्षेत्र क्रमांक 3 के विधायक आकाश विजयवर्गीय बाजी मार जाएंगे। संजय शुक्ला तो पूरी तरह से चुनावी मोड पर आ चुके हैं। उन्होंने अपने क्षेत्र की जनता के लिए अयोध्या दर्शन का महत्वाकांक्षी कार्यक्रम बनाया है। जिसमें सभी 17 वार्ड के नागरिकों को अयोध्या की यात्रा कराई जाएगी। प्रत्येक वार्ड से 600 लोगों को एक बार में अयोध्या भेजा जाएगा। इसके अलावा संजय शुक्ला ने स्वच्छता में अव्वल आने के कारण नगर निगम के 1370 सफाई मित्रों को पांच सौ रुपए देने का ऐलान भी किया है। उन्होंने सभी सफाई मित्रों को दाल बाफले की पार्टी भी देने का ऐलान किया है।

संजय शुक्ला की इस मामले में प्रशंसा की जानी चाहिए कि वे भोजन भंडारे के मामले में दिल खोलकर खर्च करते हैं। पिछले विधानसभा चुनाव के समय उन्होंने हर महीने दाल बाफले की पार्टी दी थी और 2 सालों में 2 लाख लोगों को जिमाया था। इधर आकाश विजयवर्गीय ने अनोखे तरीके से अपने क्षेत्र में सक्रियता जाहिर की है। वे प्रत्येक वार्ड में जनसंपर्क करते हैं और घर-घर जाकर समस्याएं पूछते हैं। उन्होंने अपनी टीम भी वार्ड के हिसाब से नियुक्त कर रखी है जो उन्हें समस्याओं के बारे में फीडबैक देती रहती है। आकाश विजयवर्गीय अपने क्षेत्र के विकास के लिए भी निरंतर प्रयास करते रहते हैं। वे पहली बार विधायक बने हैं लेकिन जिस तरह से काम कर रहे हैं उससे वार्ड में भाजपा का प्रभाव बढ़ा है। उनकी कार्यशैली की प्रशंसा कांग्रेसी भी करते हैं। इसलिए फिलहाल तो संजय शुक्ला और आकाश विजयवर्गीय दोनों ही सक्रियता के मामले में एक दूसरे से होड़ कर रहे हैं। दोनों अपने क्षेत्र की जनता और कार्यकर्ताओं के लिए हमेशा मौजूद रहते हैं। जनप्रतिनिधियों को इसी तरह काम करना चाहिए जिससे जनता की समस्याएं हल हो सकें।

सांसद जी , इसे क्या कहेंगे ….!!

सांसद शंकर लालवानी बेहद गतिशील और सक्रिय सांसद हैं। वे इंदौर के विकास के लिए निरंतर सक्रिय रहते हैं। इंजीनियर होने के कारण उनका एक विजन भी है। जिसका लाभ शहर को मिल रहा है। रेलवे का मामला, सड़क का मामला हो या हवाई सेवाओं के विस्तार का मामला हो सभी में उनकी दिलचस्पी जाहिर होती रहती है। शंकर लालवानी चतुर , तेजतर्रार और महत्वाकांक्षी नेता हैं। उन्हें अपनी खुद की मार्केटिंग करना आता है। हाल ही में इंदौर में स्वच्छता का पंच लगाया। इस उपलब्धि के हकदार वास्तव में जिला और निगम प्रशासन के अधिकारी और कर्मचारी हैं। सोशल मीडिया पर लोगों ने कलेक्टर मनीष सिंह और निगमायुक्त प्रतिभा पाल को ट्रेंड भी किया। इन दोनों ही अधिकारियों के तालमेल और कर्मठता की प्रशंसा हो रही है।

नेताओं में यदि कोई इस उपलब्धि का श्रेय ले सकता है तो वे पूर्व महापौर मालिनी गौड़ हैं। जबकि पूरे मामले में मालिनी गौड़ की उपेक्षा हुई क्योंकि सांसद शंकर लालवानी और नगर भाजपा अध्यक्ष गौरव रणदिवे राजनीतिक रूप से उनसे मतभेद रखते हैं। ऐसे में यदि मालिनी गौड़ को श्रेय मिलता तो भी हर्ज नहीं था लेकिन सारा श्रेय लेने की कोशिश सांसद शंकर लालवानी ने की। सांसद ट्रॉफी लेकर जीप में शहर भर में घूमे। ऐसा लग रहा था मानो यह उपलब्धि उनके अकेले की है। शंकर लालवानी के इस रवैया की सोशल मीडिया पर जमकर आलोचना हुई और वह अभी तक ट्रोल हो रहे हैं। जनता और मीडिया हर उस काम का श्रेय वास्तविक हकदार को देती है जिसने परिश्रम किया हो। ऐसे में शंकर लालवानी को इस तरह की हरकत करने की आवश्यकता नहीं थी। इससे उनकी छवि प्रभावित होती है। जिन कामों का श्रेय उनको मिलना चाहिए , वह उन्हें मिलता ही है ऐसे में उन्होंने इस तरह की असुरक्षा भावना प्रदर्शित नहीं करनी चाहिए।

नव भारत न्यूज

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