8 लाख में बाले-बाले बेच दिए 80 लाख के हरे पेड़

नीलामी के लिए नहीं निकाली विज्ञप्ति, राजस्व अधिकारियों की सांठगांठ से हुआ खेल

सुसनेर:  उज्जैन से चंवली तक रोड बनाने का काम शुरू हो चुका है. इसके लिए पुराने रोड को खोदकर साइड में लगे सैकड़ों हरे पेड़ों को काटा जा रहा है. कायदे से इन पेड़ों की कटाई के लिए नीलामी विज्ञप्ति जारी की जाना थी, लेकिन ठेकेदार, रोड निर्माता कंपनी और स्थानीय राजस्व अधिकारियों ने आपसी सांठगांठ कर करीब 80 लाख रुपए कीमत के हरे पेड़ महज 8 लाख रुपए में ही अपने चहेते को बेच दिए.
गौरतलब है कि इन पेड़ों की नीलामी पहले करीब 6 लाख रुपए में गुपचुप तरीके से बदनावर के ठेकेदार को की जा रही थी, लेकिन समाचार पत्रों में उक्त मामला प्रकाशित होने के बाद पुन: 16 नवंबर को नीलामी की प्रक्रिया की गई.

जिसमें स्थानीय कुछ लोगों से सांठगांठ कर उनसे बोली लगवाई गई और करीब 800 हरे वृक्षों की नीलामी पुन: उसी बदनावर के ठेकेदार के नाम से 8 लाख 31 हजार रुपए में कर दी. जबकि इन पेड़ों की कीमत करीब 80 लाख थी. यदि उसकी विज्ञप्ति पेपर में निकलती, तो शासन को और फायदा होता. लेकिन ठेकेदार ने अधिकारियों की मिलीभगत से अपने चहेते बदनावर के व्यक्ति को उक्त वृक्षों की कटाई का ठेका दिला दिया. बता दें यह नीलाम प्रक्रिया तहसीलदार से सम्पन्न करवाई गई, जिसमें नगर के लकड़ी व्यवसाइयों को भनक तक नहीं लगने दी गई और बदनावर के व्यक्ति को शामिल कर काम निपटा दिया गया, जिससे शासन को लाखों का नुकसान हुआ है.
कलेक्टर से की लिखित शिकायत
स्थानीय ठेकेदार सुबराती खां पिता फकीर मोहम्मद मंसूरी, इश्तिहार खान पिता इश्तियाक खान, अनिल कुमार पिता शिखरचंद जैन, अजरुद्दीन पिता निजामुद्दीन मंसूरी, रमजानी खान पिता शकूर खान एवं मोहन विश्वकर्मा आदि स्थानीय ठेकेदारों ने इसकी पुन: पेपर विज्ञप्ति प्रकाशन के माध्यम से नीलामी करवाने के लिए आज लिखित आवेदन कलेक्टर अवधेश शर्मा को दिया है. वहीं मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ प्रदेश सचिव नज़ीर एहमद और सामाजिक कार्यकर्ता विष्णु भावसार ने जिलाधीश से मांग की है कि जो पेड़ों की नीलामी की गई है, उसे शासनहित में निरस्त कर पुन: नए सिरे से नीलामी प्रकिया की जाए.
लोकल फॉर वोकल को किया दरकिनार…
बदनावर के ठेकेदार को स्थानीय चस्पा सूचना के माध्यम से कैसे जानकारी लगी और स्थानीय ठेकेदारों को नहीं लगी. यह बात लोगों की समझ में नहीं आ रहा है. इसलिए इनके द्वारा आर्थिक अपराध अनुसंधान ब्यूरो उज्जैन में भी शिकायत की जा रही है. क्योंकि नियमानुसार 2 लाख से ऊपर के कार्य की विज्ञप्ति का प्रकाशन स्थानीय एवं राष्ट्रीय स्तर के समाचार पत्रों में करवाने के साथ ही ऑनलाइन स्तर पर भी विज्ञप्ति का प्रकाशन कर निविदाएं बुलाई जाती हैं, जो प्रक्रिया उक्त कार्य में ना कर बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार किया गया है. वहीं लोकल फॉर वोकल नियम को ना अपनाकर बाहरी व्यक्ति को उक्त ठेका दे दिया गया है.
इनका कहना है…
’16 नवंबर को चस्पा विज्ञप्ति के माध्यम से बदनावर के ठेकेदार को उज्जैन-चंवली मार्ग के आसपास के वृक्षों का काटने का ठेका 8 लाख 31 हजार में दिया गया है, जिसमें स्थानीय ठेकेदारों ने भी बोली लगाई थी.Ó – विजय सैनानी, तहसीलदार, सुसनेर
‘बदनावर में मुझे वहीं के लोगो के माध्यम से उक्त कार्य का ठेका देने की जानकारी दी गई थी, जिस पर मेरे द्वारा सबसे अधिक राशि की बोली लगाकर नियमानुसार ठेका प्राप्त किया गया है.Ó – विनय कुमार, ठेकेदार, बदनावर

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