भिक्षावृृत्ति करवाने वालों पर होगी कार्रवाई

भिक्षुक, बेसहारा, निराश्रित वृद्धजनो के समग्र विकास हेतु बैठक

इंदौर:  भिक्षुकों, बेसहारा, निराश्रित वृद्धजन व्यक्तियों के समग्र पुनर्वास के संबंध में सांसद शंकर लालवानी, कलेक्टर मनीष सिंह, निगमायुक्त प्रतिभा पाल, डीआईजी मनीष कपुरिया की उपस्थिति में सिटी बस ऑफिस में बैठक ली गई. बैठक में इंदौर को भिक्षुकमुक्त शहर बनाने के लिए एक्शन प्लान तैयार किय. उल्लेखनीय है कि भिक्षुकों, बेसहारा निराश्रित वृद्धजन व्यक्तियों के समग्र विकास एवं पुनर्वास हेतु देश के 10 शहरो में से एक इंदौर भी है. बैठक में इसके लिए शहर में चलाये जा रहे पायलेट प्रोजेक्ट के तहत इंदौर में भिक्षुकों के विकास व उत्थान हेतु योजना तैयार करने के संबंध में सांसद, कलेक्टर, डीआईजी, निगमायुक्त व अन्य की उपस्थिति में विस्तार से विचार विमर्श किया गया.

बैठक में शहर के भिक्षुको के प्रति सहानुभूति रखते हुए, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, सामाजिक कल्याण विभाग, नगर निगम था एनजीओ संस्थानों के माध्यम से भिक्षुको, बेसहारा, निराश्रित वृद्धजन व्यक्तियों के समग्र विकास एवं पुनर्वास करने पर विस्तार से चर्चा कर भिक्षावृत्ति करवाने वालो लोगों का चिन्हांकन कर उनके विरूद्ध पुलिस के माध्यम से कार्रवाई करने पर भी विचार-विमर्श किया गया. बैठक में अपर आयुक्त अभय राजनगांवकर, यातायात एएसपी अनिल पाटीदार, महाराजा यशवंतराव होल्कर के डॉ. ठाकुर, मानसिक चिकित्सा के डॉ. पाल, समाज कल्याण विभाग के ज्वाइंट डारेक्टर श्रीमती तिरकी, जिला महिला बाल विकास अधिकारी श्री पासी, आयटीआय प्राचार्य एमजी तिवारी, जिला शिक्षा अधिकारी श्री व्यास, एनजीओ संस्थान एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे.
चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश
सांसद लालवानी द्वारा बीमार व असहाय, वृद्धजनो को शीघ्र चिकित्सा सहायता प्राप्त हो सके, इसके लिये महाराज यशवंतराव होल्कर अस्पताल अधीक्षक को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये तथा मानसिक बीमारी से ग्रस्त भिक्षुक को मनोचिकित्सालय से चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के दिशा-निर्देश भी दिये गये.

सख्त कार्रवाई की जाएगी
बैठक के बाद कलेक्टर ने बताया कि शहर में भिक्षावृत्ति एक संवेदनशील मुद्दा है. कई बार जनप्रतिनिधियों व अन्य माध्यमों से भी इस बारे में सूचनाएं मिलती रही है कि इनके पीछे कुछ माफिया हैं जो बच्चों से भिक्षावृत्ति करते हैं और उन रुपयों से नशाखोरी करते हैं. ऐसे में इनमें लिप्त बच्चों व बुजुर्गों को इससे बाहर निकालने की जरूरत है. सिग्नल पर वाहन चालकों को परेशान करने के मामलों में भी इजाफा हुआ है. इन सब पर लगाम कसने और खासतौर पर नशा माफिया पर शिकंजा कसने के लिए इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

जवाबदेही तय की जाएगी
निगमायुक्त प्रतिभा पाल ने बताया कि असहाय लोगों (भिक्षुकों) को परदेशीपुरा स्थित भिक्षुक पुनर्वास केंद्र भेजा जाएगा. इसके साथ ही एनजीओ के मामले में टेंडर प्रक्रिया के बाद जवाबदेही तय की जाएगी. डीआईजी मनीष कपूरिया ने बताया कि भिक्षुकों की काउंसलिंग कर उन्हें समाज की मुख्य धारा से जोड़ा जाएगा. इनके पीछे जो माफिया हैं उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. इस मामले में थानावार जवाबदेही तय की जा रही है.

नव भारत न्यूज

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