बारिश से किसानों को नहीं चलाने पड़े पंप , बारिश से गिरी डिमांड

जबलपुर: बारिश की वजह से मौसम जहां ठंडा हुआ वहीं बिजली की डिमांड भी घट गई। सिंचाई के लिए पंप चलना बंद हुए तो डिमांड कम हुई। इधर कोयला का स्टाक भी बेहद कम हाे चुका है। श्री सिंगाजी पावर प्लांट 600 मेगावाट की एक इकाई कोयला नहीं होने के कारण बंद करनी पड़ी। इधर बीरसिंहपुर की 500 मेगावाट की बंद यूनिट रविवार की रात को शुरू हो गई है। सिर्फ यहीं नहीं 1.86 लाख टन कोयला ही प्लांट में बचा है यानी डिमांड बढ़ी तो तीन दिन में ही कोयला खत्म हो जाएगा। हालांकि कंपनी प्रबंधन का दावा है कि कोयला लगातार आता जा रहा है। प्रदेश के कई इलाकों में बारिश हुई है। इस वजह से किसानों को भी कृषि पंप नहीं चलाने पड़े। रविवार की शाम को बिजली की डिमांड 8517 मेगावाट के आसपास पहुंच गई। दो दिन पहले बिजली की डिमांड 10 हजार के पार पहुंच गई थी। ऐसे में मप्र पावर जनरेशन कंपनी के प्लांट से उत्पादन भी कम हो रहा था। रविवार को कोयला से संचालित प्लांट से महज 1817 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है।

कोयले की कमी से कम उत्पादन
श्री सिंगाजी पावर प्लांट में तीन इकाईयां फिलहाल चल रही है। एक इकाई 600 मेगावाट की बंद की गई है। यहां कोयला कम है। इस वजह से तीन इकाईयों से भी 300-300 मेगावाट तथा एक से 350 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा रहा है।

इनका कहना है
प्रदेश में बारिश की वजह से बिजली की डिमांड कम हुई है। अभी कोयला से संचालित प्लांट से 1817 मेगावाट बिजली पैदा हो रही है। श्री सिंगाजी पावर प्लांट की एक इकाई कोयला कम होने के कारण बंद करनी पड़ी है। दो से तीन दिन का कोयला बाकी है। कोयले का इंतजाम किया जा रहा है।
वीके कैलासिया, मुख्य महाप्रबंधक ओएडंएम मप्र पावर जनरेशन कंपनी

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