आकाश विजयवर्गीय की राजनीति का यह अंदाज

सियासत

विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 3 के युवा भाजपा विधायक आकाश विजयवर्गीय की सक्रियता और उनकी कार्यशैली उन दिनों चर्चित है। रविवार को वे अपने जनसंपर्क अभियान के दौरान क्षेत्र क्रमांक 3 के सदर बाजार, बख्शी बाग , मराठी मोहल्ला क्षेत्र में थे। यहां उन्होंने क्षेत्र के नागरिकों से चर्चा की और मोहल्ले के छोटे-छोटे गरबा मंडलों को भी भेंट दी। नागरिकों में चर्चा थी कि चुनाव नहीं होने के बावजूद विधायक उनके क्षेत्र में संपर्क करने और समस्याएं सुनने आए हैं। आमतौर पर जनप्रतिनिधि चुनाव जीतने के बाद क्षेत्र में अगले चुनाव के पहले ही आते हैं लेकिन आकाश विजयवर्गीय अपनी अलग कार्य शैली रखते हैं।

दरअसल, उनके यशस्वी पिता कैलाश विजयवर्गीय की भी इसी तरह के जनप्रतिनिधि रहे हैं जो हमेशा जनता के बीच रहे। उन्हीं की राजनीतिक विरासत को आकाश विजयवर्गीय आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने जनसंपर्क और जनता की समस्याओं को सुलझाने के लिए अपना एक नेटवर्क स्थापित किया है। उनके कार्यकर्ता मोहल्लों और बस्तियों में जाकर संपर्क करते हैं और समस्याओं को समझ कर उनके बारे में श्री विजयवर्गीय को जानकारी देते हैं। श्री विजयवर्गीय इसके बाद खुद संपर्क कर समस्याओं को हल करने की कोशिश करते हैं। दरअसल, आम जनता तो इसी में खुश हो जाती है कि उनका विधायक या जनप्रतिनिधि उनकी पूछ परख कर रहा है।

आमतौर पर अधिकांश जनता को थानों या सरकारी दफ्तरों में काम बहुत कम पड़ते हैं। उनकी समस्या तो मोहल्ले की बिजली, सड़क, गड्ढे, नल नहीं आना, ड्रेनेज सफाई इत्यादि को लेकर रहती है। यदि इन छोटी-छोटी समस्याओं को जनप्रतिनिधि रुचि लेकर हल करें तो आम जनता आसानी से संतुष्ट हो जाती है। आकाश विजयवर्गीय ने कोरोना संकट के समय भी अपने क्षेत्र में राशन किट और दवाइयां इत्यादि उपलब्ध कराने में महती भूमिका अदा की थी। वे क्षेत्र की धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते हैं। उन्होंने देव से महादेव पुस्तक भी लिखी है और इस नाम से संगठन भी बनाया है जो धार्मिक सामाजिक कार्यों में सक्रियता से हिस्सा लेता है। आकाश विजयवर्गीय भी 32 वर्षीय युवा हैं और विधायक के रुप में यह उनका पहला कार्यकाल है।

इसके पहले उन्होंने कोई चुनाव नहीं लड़ा, लेकिन जिस तरह से वे जनता के बीच जाकर लोगों की समस्याओं को हल करने की कोशिश कर रहे हैं, वह काबिले तारीफ है। हाल ही में उन्होंने रेसीडेंसी कोठी में क्षेत्र की समस्याओं को लेकर अधिकारियों की बैठक भी ली थी। जब कोई जनप्रतिनिधि जनता के बीच जाकर समस्याओं को हल करने की कोशिश करता है तो अधिकारी भी दबाव में काम करते हैं। जनप्रतिनिधि की सक्रियता से आधे काम तो यूं ही हो जाते हैं। आकाश विजयवर्गीय ने अपने क्षेत्र की समस्याओं को सुलझाने और जानने के लिए जो तंत्र विकसित किया है उसका अनुकरण अन्य विधानसभा क्षेत्रों में भी होना चाहिए। जिससे मुहल्लों, बस्तियों और कॉलोनियों में रहने वाले लोगों की समस्याओं को हल किया जा सके।

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