बस स्टैण्ड के निर्माण कार्य का म्याद पूरा

10 प्रतिशत भी नहीं हुआ कार्य, कलेक्टर ने कार्यपालन यंत्री को जमकर लगाया फटकार

सिंगरौली :  डिस्ट्रिक्ट मिनरल फण्ड से चितरंगी में नये बस स्टैण्ड निर्माण के लिए तकरीबन एक करोड़ रूपये की मंजूरी मिली हुई है। निर्माण कार्य के म्याद पूरा होने के बावजूद 10 प्रतिशत भी स्थल पर कार्य नहीं हुआ है। जिस पर कलेक्टर ने क्रियान्वयन एजेंसी ग्रामीण यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री को जमकर फटकार लगाया है। कलेक्टर के फटकार के बाद ठेकेदार भी अचानक प्रकट हो गया। गौरतलब हो कि क्षेत्रीय जनों के साथ-साथ विधायक अमर सिंह के मांग पर तकरीबन 2 वर्ष पूर्व डिस्ट्रिक्ट मिनरल फण्ड से चितरंगी में बस स्टैण्ड परिसर व भवन निर्माण के लिए तकरीबन 1 करोड़ रूपये की मंजूरी मिली हुई है।

किन्तु आरोप है कि क्रियान्वयन एजेंसी आरईएस विभाग की लापरवाही से अभी तक 10 प्रतिशत कार्य भी नही हुआ है। जबकि निर्माण कार्य पूर्ण करने की अवधि भी समाप्त हो चुकी है। संविदाकार ब्लास्टिंग मंजूरी न मिलने का आड़ लगाकर तरह-तरह की बहानेबाजी बता रहा था। पिछले दिनों कलेक्टर ने निर्माणाधीन चितरंगी बस स्टैण्ड के कार्य प्रगति की जानकारी ले रहे थे। इस दौरान आरईएस के कार्यपालन यंत्री ने कलेक्टर को भी गुमराह करने का प्रयास किया।

लेकिन कलेक्टर के आगे कार्यपालन यंत्री आरईएस की नहीं चल पायी और कार्यपालन यंत्री का झूठ पकड़ा गया। जिस पर कलेक्टर ने कार्यपालन यंत्री को जमकर फटकार लगाते हुए तत्काल निर्माण कार्य आरंभ कराने के लिए कड़ा फरमान सुना दिया। जहां अब कार्यपालन यंत्री अब आनन-फानन में स्थल का निरीक्षण कर ठेकेदार को भी बुलाते हुए कार्य शुरू कराने की कवायद तेज कर दिया है। लेकिन चर्चा है कि यदि कलेक्टर उक्त निर्माण कार्य की समीक्षा न करते तो शायद आरईएस अमला अब तक कुंभ निद्रा में होता।

कार्यपालन यंत्री का झूठ आया सामने
कार्यपालन यंत्री से कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने बस स्टैण्ड निर्माण कार्य की प्रगति धीमी होने का कारण पूछा तो आरईएस कार्यपालन यंत्री ने हैबी ब्लास्टिंग की मंजूरी एसडीएम कार्यालय से न मिलने का बहाना बता दिया। मौके पर मौजूद चितरंगी एसडीएम नीलेश शर्मा ने कार्यपालन यंत्री से पूछा कि ब्लास्टिंग अनुमति के लिए कब पत्र जारी किये गये। तो कार्यपालन यंत्री इसका जबाव नहीं दे पाये। अंत में पता करने पर जानकारी मिली की आरईएस से ब्लास्टिंग के लिए पत्र जारी नहीं किया गया है, बल्कि कार्यपालन यंत्री अपनी कमी को छुपाने के लिए एसडीएम पर दोषारोपण मढऩे का प्रयास कर रहे थे। अंतत: कार्यपालन यंत्री का सफेद झूठ कलेक्टर ने पकड़ लिया।

इनका कहना है
बस स्टैण्ड के निर्माण कार्य की प्रगति काफी धीमी है। कलेक्टर के द्वारा निर्माण कार्य की समीक्षा की गयी है। जहां अब आरईएस विभाग के द्वारा ब्लास्टिंग के लिए अनुमति मांगी गयी है, इसके लिए पहले आरईएस से कोई पत्र नहीं आया था। कार्य स्थल पर हैवी ब्लास्टिंग की जरूरत है पत्थर काफी हार्ड है।
नीलेश शर्मा
एसडीएम, चितरंगी

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