सात रक्षा कंपनियों का गठन ऐतिहासिक निर्णय: राजनाथ

नयी दिल्ली, 15 अक्टूबर (वार्ता) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 40 से भी अधिक आयुध निर्माणियों को सरकारी स्वामित्व वाली सात रक्षा कंपनियों में बदलने के निर्णय को ऐतिहासिक करार देते हुए आज कहा कि इससे देश को रक्षा विनिर्माण का हब बनाने का संकल्प पूरा करने में मदद मिलेगी।
श्री सिंह ने सात नई रक्षा कंपनियों को विजयादशमी के शुभ अवसर पर राष्ट्र को समर्पित करने के लिए रक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ने कामकाज में स्वायत्तता और दक्षता को बढ़ाने तथा विकास एवम् नवाचार की नयी संभावना को आकार देने के लिए आयुध निर्माणियों को सात ऐसी सरकारी कंपनियों में बदलने का निर्णय निर्णय लिया है जिनसे रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी और देश की रक्षा तैयारियां मजबूत होंगी।
श्री सिंह ने कहा कि इस निर्णय से सरकार के आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को हासिल करने के संकल्प का पता चलता है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में ये नयी कंपनियां न केवल रक्षा निर्माण इकोसिस्टम में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगी बल्कि भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास का इंजन भी साबित होंगी।
उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर सरकार इन नई कंपनियों को शुरू में वित्तीय सहायता भी देगी और अन्य मामलों में भी उसकी मदद करेगी। उन्होंने कहा कि आयुध निर्माणियों के सभी कर्मचारियों को इन सातों कंपनियों में दो वर्ष की प्रतिनियुक्ति पर रखा जाएगा और केंद्र सरकार के कर्मचारियों के रूप में उनकी सेवा शर्तों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि रक्षा विनिर्माण के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए उत्पाद और कलपुर्जे का उत्पादन जरूरी है और सरकार इसके लिए निजी क्षेत्र के सहयोग से हर संभव कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्रालय ने वर्ष 2024 तक एयरोस्पेस और रक्षा साजो-सामान और सेवा क्षेत्र में 1.75 लाख करोड़ रुपए का टर्नओवर हासिल करने का लक्ष्य रखा है इसमें 35 हजार करोड़ रुपए के निर्यात का लक्ष्य भी शामिल है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से इस कार्यक्रम में मौजूद लोगों को संबोधित किया। इस मौके पर रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट और रक्षा उद्योग संघों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।
जिन सात नई रक्षा कंपनियों का गठन किया गया है उनमें म्यूनिशन्स इंडिया लिमिटेड (एमआईएल), आर्मर्ड व्हीकल्स निगम लिमिटेड (अवनी), एडवांस्ड वेपन्स एंड इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड (एडब्ल्यूई इंडिया), ट्रूप कम्फर्ट्स लिमिटेड (टीसीएल), यंत्र इंडिया लिमिटेड (वाईआईएल), इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड (आईओएल) और ग्लाइडर्स इंडिया लिमिटेड (जीआईएल) शामिल हैं।

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