दशहरा पर ग्राम रावण में होती रावण बाबा की पूजा

विदिशा 14 अक्टूबर नवभारत न्यूज. पूरा देश जब विजयादशमी दशहरा पर्व पर भगवान श्रीराम की पूजा करता है और रावण के पुतले का दहन करता है. इसी समय विदिशा से करीब 35 किलोमीटर दूर स्थित एक गांव ऐसा है. जहां रावन बाबा की पूजा की जाती है.
विदिशा की नटेरन तहसील के रावण गांव में देश की परंपरा के विपरीत रावण को देवता मानकर पूजा आराधना की जाती है. रावण को यहां रावन बाबा कहा जाता है. इतना ही नहीं गांव की विवाहित महिलाएं जब इस मंदिर के सामने निकलती हैं, तो घूंघट कर लेती हैं. पूरे भारत वर्ष में जहां रावण के पुतले का दहन किया जाता है, तो इस गांव में होती है रावण बाबा की विशेष पूजा. मंदिर में रावण की प्रतिमा लेटी हुई अवस्था में है. गांव में हर शुभ कार्य की शुरुआत यहीं से होती है.
गांव में किसी की शादी हो तो भी पहला निमंत्रण रावण बाबा को ही दिया जाता है और इसकी शुरुआत प्रतिमा की नाभि में तेल चढ़ा कर की जाती है. यहां के लोग जब भी कोई नया वाहन खरीदते हैं, उस पर रावण जरूर लिखवाते हैं और तो और इस गांव का नाम ही रावण के नाम पर ग्राम रावण के नाम से जाना जाता है.
दशहरा पर पसरा रहता सन्नाटा
पूरे देश में जब दशहरा पर रावण दहन की तैयारी हो रही होती है उस समय गांव में मातम पसर जाता है. कई महिला तो इस दिन मंदिर में जा रोने लगती हैं. गांव के लोग भी कहीं बाहर नहीं जाते.

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