अवैध को वैध बनाने में जुटे राजस्व अधिकारी

भू-माफियाओं के साथ सांठ-गांठ, कार्रवाई करने से भी बच रहे जिम्मेदार

नलखेड़ा:  में भू माफियाओं की जरूरतों के अनुसार राजस्व विभाग में प्रशासनिक स्तर पर कुछ इस तरह के चमत्कार हो रहे हैं, जिन्हें गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड में स्थान मिल सकता है. किस प्रकार भू माफियाओं के लिए अवैध को वैध बनाने में राजस्व विभाग के कुछ अधिकारी अपनी दिमागी काबिलियत का इस्तेमाल कर रहे हैं. आखिर ऐसी क्या मजबूरी है कि जिले के वरिष्ठ अधिकारी आंखें मूंदकर अपने अधीनस्थ कर्मचारियों की कारगुजारी पर कार्यवाही करने से बच रहे हैं. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रुद्राक्ष सिटी के नाम से भैंसोदा रोड पर साई डेवलपर्स के पार्टनर राजेंद्र कुमार आदि के द्वारा कॉलोनी विकसित की जा रही थी. शिकायतकर्ता पारी बाई के द्वारा की गई शिकायत को प्रथम दृष्टया सही पाते हुए जांच उपरांत कॉलोनाईजर को प्राप्त विकास अनुमति में 158/4 की विकास अनुमति पर रोक लगा दी गई है, जिसके चलते कॉलोनी विकसित करने का कार्य बंद कर दिया गया था.

कॉलोनाइजर राजेंद्र कुमार खंडेलवाल के द्वारा विकास कार्य पुन: प्रारंभ करने के लिए राजस्व अधिकारियों एवं परियोजना अधिकारी की सांठ-गांठ एवं कानूनी दांवपेच का इस्तेमाल कर प्राप्त अनुमतियों को पुन: वैध बनाने का प्रयास किया जा रहा है. शिकायतकर्ता पारी बाई के द्वारा संयुक्त संचालक महोदय उज्जैन के यहां दिनांक 25.01.2021 को लिखित शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसमें मेसर्स साई रियल स्टेट एंड डेवलपर्स पार्टनर राजेंद्र कुमार खंडेलवाल रुद्राक्ष सिटी कॉलोनी को प्राप्त विकास अनुमति कूट रचित दस्तावेजों एवं झूठे शपथ पत्र के आधार पर प्राप्त करने का आरोप लगाया था. शिकायत प्रथम दृष्टया सही पाते हुए जांच हेतु एस कुमार परियोजना अधिकारी, जिला शहरी विकास अभिकरण आगर मालवा के यहां संयुक्त संचालक नगर तथा ग्राम निवेश उज्जैन से दिनांक 10.02.21 को भेज दी गई थी.

परियोजना अधिकारी की जांच पर उठे सवाल
शिकायतकर्ता पारी बाई के द्वारा की गई शिकायत में संलग्न दस्तावेजों में कॉलोनाइजर राजेंद्र कुमार के द्वारा एक शपथ पत्र दिया गया था कि उक्त भूमि को लेकर कोई न्यायलीन वाद प्रचलित नहीं है, लेकिन शिकायत में न्यायालय सिविल जज प्रथम श्रेणी शाजापुर के अतिरिक्त सिविल जज प्रथम श्रेणी नलखेड़ा के यहां प्रचलित प्रकरण क्रमांक 66./2019./19.9.19 दावे का उल्लेख किया था. परंतु जांचकर्ता अधिकारी एस. कुमार ने एक अन्य पुराना दावा, प्रकरण क्रमांक 257/2015 का हवाला डालकर कॉलोनाइजर के पक्ष में आपत्ति का निराकरण कर दिया.

साथ ही परियोजना अधिकारी एस. कुमार ने भूमि सर्वे क्रमांक 158/4 रकबा 1.045 हेक्टेयर भूमि को बटवारा आदेश दिनांक 07.05.2018 तहसीलदार नलखेड़ा के पालन में नवीन परिवर्तित भूमि सर्वे नंबर 158/1 रकबा 1.045 हेक्टेयर भूमि पर अभिन्यास, नगर तथा ग्राम निवेश उज्जैन से अनुमोदित कराए जाने हेतु पत्र दिनांक 26.02.2021 को मेसर्स साई रीयल स्टेट एंड डेवलपर्स नलखेड़ा पार्टनर राजेंद्र कुमार खंडेलवाल को भेजा गया था, जिसकी प्रति कलेक्टर आगर मालवा, संयुक्त संचालक नगर तथा ग्राम निवेश उज्जैन, अनुविभागीय अधिकारी सुसनेर, तहसीलदार नलखेड़ा तथा मुख्य नगरपालिका अधिकारी नलखेड़ा की ओर सूचनार्थ प्रेषित कर दी गई था. जबकि भूमि सर्वे क्रमांक 158/1 रकबा 2.101 हेक्टेयर भूमि वर्तमान में राजस्व अभिलेखों में राधेश्याम सोनी के नाम से दर्ज है.

शिकायतकर्ता पारी बाई ने बताया कि उक्त जांच में परियोजना अधिकारी एस. कुमार ने शिकायत में संलग्न दस्तावेजों के आधार पर सत्यापन नहीं किया, जो परियोजना अधिकारी एस. कुमार की जांच एवं कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह खड़े करती है. एसडीएम सुसनेर के समक्ष प्रस्तुत अपील सवालों के घेरे में वहीं दूसरी ओर कॉलोनाइजर राजेंद्र कुमार के द्वारा न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी सुसनेर के यहां, तहसीलदार तहसील नलखेड़ा के न्यायालय के प्रकरण क्रमांक 01 अ 3/2017-18 में दिनांक 07/05/18 को पारित आदेश से असंतुष्ट होने पर प्रकरण क्रमांक 0102/अपील/2020-21 दिनांक 03/03/2021 मध्य प्रदेश भू राजस्व संहिता की धारा 44 के तहत अपील प्रस्तुत की है. उक्त अपील के समर्थन में कॉलोनाइजर राजेंद्र कुमार खंडेलवाल के द्वारा धारा 5 के अंतर्गत एक शपथ पत्र प्रस्तुत किया है, जिसके चरण 3 में उक्त बटांकन आदेश दिनांक 07/05/2018 की जानकारी प्रार्थी राजेंद्र कुमार खंडेलवाल को दिनांक 30/01/2021 को ग्राम पटवारी के द्वारा बताए जाने पर हुई प्रार्थी राजेंद्र कुमार खंडेलवाल ने तत्काल आदेश की प्रमाणित प्रतिलिपि लेने हेतु कार्यवाही की तथा नकल मिलने पर यह अपील आज दिनांक 3/3/2021को प्रस्तुत किया जाना स्वीकार किया है.

लेकिन उक्त बंटवारा आदेश दिनांक 7/5/18 की पटवारी एवं राजस्व निरीक्षक की बटवारा फर्द, नक्शा तरमीम एवं पंचनामा रिपोर्ट पर प्रार्थी राजेंद्र कुमार खंडेलवाल के हस्ताक्षर जैसे हस्ताक्षर मौजूद हैं. क्या पटवारी एवं राजस्व निरीक्षक की बटवारा फर्द, नक्शा तरमीम एवं पंचनाम रिपोर्ट पर वास्तविक में राजेंद्र कुमार के दस्तखत हैं, यह जांच का विषय है. जिसके चलते प्रार्थी राजेंद्र कुमार के द्वारा अनुविभागीय अधिकारी सुसनेर के समक्ष प्रस्तुत अपील प्रकरण क्रमांक 0102/अपील/2020-21 के समर्थन में धारा 5 के अंतर्गत दिया गया शपथ पत्र भी जांच का विषय है. अपिलान्ट के स्थल निरीक्षण के आवेदन पर एसडीम ने स्थल निरीक्षण का आदेश कर राजस्व निरीक्षक कुमेंर सिंह के नेतृत्व में दल गठित कर स्थल जांच रिपोर्ट मंगाई.

राजस्व निरीक्षक की चमत्कारिक रिपोर्ट
राजस्व निरीक्षक कुमेर सिंह ने स्थल की जांच रिपोर्ट रेस्पोंडेंट कंवरलाल एवं रामचंद्र समीपस्थ कृषक की अनुपस्थिति में ही बना दी. साथ ही स्थल निरीक्षण रिपोर्ट में बिना सक्षम अधिकारी के आदेश से नवीन बटवारा फर्द एवं नवीन नक्शा तरमीम कर भूमि सर्वे क्रमांक 158/4 का रकबा 1.0450 हेक्टेयर में से कम कर 158/4 रकबा 0.6690 हेक्टेयर कर दिया गया. साथ ही कृषक राधेश्याम सोनी के भूमि सर्वे क्रमांक 343/3 रकबा 0.3760 हेक्टेयर भूमि को कब्जे के आधार पर बटवारा फर्द में मेसर्स साई रियल स्टेट एंड डेवलपर्स पार्टनर राजेंद्र कुमार आदि को भूमि सर्वे क्रमांक 343/3 रकबा 0.3760 का भूमि स्वामी बना दिया.

वर्ष 1987-88 के बंटवारे में मूल भूमि सर्वे क्रमांक 158 रकबा 4.202 के बटांकन होकर 3 नए भूमि सर्वे नंबर बने थे. भूमि सर्वे क्रमांक 158/1 रकबा 1.050 तुलसीराम पिता पुना, भूमि सर्वे क्रमांक 158/2 रकबा 1.051 कनीराम पिता पुना, भूमि सर्वे क्रमांक 158/3 रकबा 2.101 कंचन बाई विधवा पूनमचंद 1/2 हिस्सा एवं रमेशचंद्र आदि 1/2 हिस्सा मिला था. जबकि भूमि सर्वे क्रमांक 158/4 काल्पनिक नंबर होकर राजस्व विभाग के तत्कालीन अधिकारी की गलती का उपज है, जिसे राजस्व निरीक्षक कुमेंर सिंह के द्वारा अपनी स्थल निरीक्षण रिपोर्ट में नवीन बटवारा फर्द एवं नवीन नक्शा तरमीम कर वर्ष 1987-88 के बंटवारे के अनुरूप बता दिया गया है, जो कि तत्कालीन एवं वर्तमान राजस्व अभिलेख के उलट है.

अब देखने वाली बात यह है कि कॉलोनाइजर राजेंद्र कुमार के द्वारा परियोजना अधिकारी जिला शहरी विकास अभिकरण आगर, संयुक्त संचालक नगर तथा ग्राम निवेश उज्जैन एवं अनुविभागीय अधिकारी सुसनेर के समक्ष भिन्न-भिन्न एवं कूटरचित दस्तावेज प्रस्तुत कर विकास अनुमति को पुन: वैध कराने हेतु राजस्व अधिकारियों से सांठगांठ कर कानूनी दांव पेंच चल रहा है. राजस्व निरीक्षक कुमेंर सिंह ने किस आदेश से नवीन बटवारा फर्द एवं नवीन नक्शा तरमीम तैयार की है, उक्त मामला संज्ञान में आने के बाद सक्षम अधिकारियों के द्वारा जांच उपरांत क्या बड़ी कार्यवाही की जाएगी या मामला दबाव या प्रभाव के चलते ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा.

इनका कहना है
‘मेरे द्वारा मौका स्थल की जांच समस्त पड़ोसी कृषक के समक्ष की गई है अनुविभागीय अधिकारी सुसनेर के मौखिक आदेश पर मेरे द्वारा बटवारा फर्द एवं नवीन नक्शा तरमीम की गई है. यदि किसी को आपत्ति है, तो बटवारा फर्द निरस्त करा दे.Ó – कुमेर सिंह, राजस्व निरीक्षक, सुसनेर एवं स्थल जांच अधिकारी
‘मामला मेरे न्यायालय में लंबित है. मैं मामले का मीडिया ट्रायल करना नहीं चाहता हूं. यदि अपील में धारा 5 के समर्थन में शपथ पत्र के संबंध में न्यायालय को गुमराह किया गया है, तो मैं आवेदक के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही करूंगा.

 केएल यादव, एसडीएम-सुसनेर
‘कॉलोनाइजर ने जो दस्तावेज प्रस्तुत किए हैं. उनके आधार पर जांच कर कॉलोनाइजर को भूमि सर्वे क्रमांक 158/1 पर अभिन्यास, नगर तथा ग्राम निवेश से स्वीकृत कराने के लिए पत्र दे दिया गया है.Ó – एस. कुमार, परियोजना अधिकारी, जिला शहरी विकास अभिकरण, आगर मालवा

नव भारत न्यूज

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