पेट्रोलियम और विस्फोटक पदार्थ क्षेत्र में औद्योगिक सुरक्षा को प्रोत्साहन

नयी दिल्ली  (वार्ता) सरकार ने देश में पेट्रोलियम और विस्फोटक पदार्थ क्षेत्र में औद्योगिक सुरक्षा काे प्रोत्साहित करते हुये कारोबारी सुगमता के लिए कई निर्णय लिये हैं जिसमें देश में अमोनियम नाइट्रेट और कैल्शियम कार्बाइड जैसे विस्फोटक पदार्थों की आवाजाही और भंडारण को सुरक्षित बनाया गया तथा आर्गन, नाइट्रोजन, एलएनजी जैसी अन्य संपीड़ित गैसों के अलावा जीवन रक्षक तरल ऑक्सीजन की ढुलाई आईएसओ कंटेनरों के माध्यम से करने की अनुमति दी गई।

उद्योग एवं आतंरिक व्यापार संवर्घन विभाग (डीपीआईआईटी) की अतिरिक्त सचिव सुमिता डावरा ने संवाददाताओं से चर्चा में यह जानकारी देते हुये कहा कि कैल्शियम कार्बाइड और अमोनियम नाइट्रेट के भंडारण और ढुलाई के लिए नियमों में भी ढील दी गई।
कैल्शियम कार्बाइड के भंडारण के लिए लाइसेंस की वैधता 3 साल से बढ़ाकर 10 साल की गई।अमोनियम नाइट्रेट के लिए एनओसी जारी करने का समय 6 महीने से घटाकर 3 महीने किया गया है।

उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान सरकार ने आत्मनिर्भर भारत के विजन को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं।
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने अभी हाल में महत्वपूर्ण परिसरों (जैसे पेट्रोलियम प्रतिष्ठानों, विस्फोटक पदाक विनिर्माण सुविधाओं, सिलेंडर भरने और भंडारण परिसरों आदि) में औद्योगिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सुधारों को लागू किया है, इस प्रकार सार्वजनिक सुरक्षा के साथ-साथ व्यापार करने की लागत घटाने तथा घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों के लिए एक सक्षम ईको सिस्टम स्थापित करने को बढ़ावा मिला है।
इस संदर्भ में विभाग ने पेट्रोलियम और विस्फोटक पदार्थ सुरक्षा संगठन (पीईएसओ) के साथ मिलकर काम किया है, जो डीपीआईआईटी के तहत एक स्वायत्त निकाय है और उस पर विस्फोटक पदार्थों, पेट्रोलियम के साथ-साथ खतरनाक रसायनों के विनिर्माण, भंडारण, ढुलाई और उपयोग के लिए नीतियां और मानक संचालन प्रक्रियाएं लागू करने का दायित्व है।

इस संदर्भ में पांच प्रमुख क्षेत्रों अर्थात स्थिर और मोबाइल प्रेशर वैसल्स (अनफायर) (एसएमपीवी(यू), कैल्शियम कार्बाइड, अमोनियम नाइट्रेट, गैस सिलेंडर, पेट्रोलियम और विस्फोटक पदार्थों की जांच की गई और निजी क्षेत्र, उद्योगिक निकायों और अन्य मंत्रालयों सहित संबंधित हितधारकों और प्रतिनिधियों के साथ विस्तार से चर्चा की गई।
कई महीनों तक हितधारकों के साथ व्यापक परामर्श और फीडबैक के बाद जनवरी 2021 से प्रमुख नियमों में संशोधनों के प्रस्ताव किए गए।
इन संशोधनों को अंतिम रूप दिया गया तथा तीन मामलों यानि (1) एसएमपीवी, (2) कैल्शियम कार्बाइड और (3) अमोनियम नाइट्रेट के बारे में 31 अगस्त, 2021 को अंतिम संशोधनों को अधिसूचित किया गया।इसके अलावा 25 जून 2021 को गैस सिलेंडर नियमों में मसौदा संशोधनों को अधिसूचित किया गया।

इसके अलावा विभाग अब हितधारकों के साथ परामर्श करके विस्फोटक पदार्थ नियमावली में भी संशोधन करने के बारे में काम कर रहा है।
स्थिर और मोबाइल प्रेशर वैसल्स (अनफायर्ड) (संशोधन) नियमावली लाइसेंस प्राप्त परिसरों के प्रमाणन, निरीक्षण और सुरक्षा ऑडिट संबंधित कार्य करने के लिए तृतीय-पक्ष निरीक्षण एजेंसी (टीपीआईए) की अवधारणा को शुरू करने के लिए किया गया है।
परीक्षण और प्रमाणन करने के लिए सक्षम व्यक्तियों की संख्या बढ़ाने के लिए न्यूनतम अनुभव के दिशानिर्देशों को 10 साल से घटाकर 5 साल कर दिया गया है।

कोविड 19 महामारी को ध्यान में रखते हुए सरप्लस क्षेत्रों से कमी वाले क्षेत्रों में अल्पावधि में ऑक्सीजन की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध कराने की जरूरत से निपटने के लिए आईएसओ कंटेनरों को तरल ऑक्सीजन की घरेलू ढुलाई करने की अनुमति 23 सितंबर, 2020 को दी गई।
घरेलू क्षेत्रों के लिए आईएसओ कंटेनरों के माध्यम से क्रायोजेनिक संपीड़ित गैसों जैसे ऑक्सीजन, आर्गन, नाइट्रोजन, एलएनजी आदि की ढुलाई की अनुमति देने के लिए अब नियमों में प्रावधानों को शामिल किया गया है।
इससे सरप्लस क्षेत्रों से कमी वाले क्षेत्रों में तरल ऑक्सीजन गैस की ढुलाई में मदद मिलेगी और इन गैसों के बहुविध परिवहन (सड़क, रेल और जलमार्ग) को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ ढुलाई लागत में भी कमी आएगी।

आवेदनों का तेजी से निपटान सुनिश्चित करने के लिए, जिला प्राधिकरण से अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) प्राप्त करने की समय-सीमा अब दो महीने निर्धारित की गई है।
निर्धारित समय में एनओसी के आवेदन का निपटारा न होने के मामले में एनओसी जारी किया हुआ माना जाएगा।डुप्लीकेट लाइसेंस प्राप्त करने के लिए आवेदन और शुल्क जमा करने की आवश्यकता को समाप्त कर दिया गया है।सिस्टम द्वारा जारी की गई ऑनलाइन कॉपी पर्याप्त होगी।

उन्होंने कहा कि कैल्शियम कार्बाइड (संशोधन) नियमावली,अनुपालन भार कम करने के लिए, पीईएसओ ने कैल्शियम कार्बाइड के भंडारण के लिए लाइसेंस की वैधता को 3 साल से बढ़ाकर 10 साल कर दिया है।डुप्लीकेट लाइसेंस प्राप्त करने के लिए आवेदन और शुल्क जमा करने की जरूरत को समाप्त कर दिया गया है।सिस्टम द्वारा जारी की गई ऑनलाइन कॉपी ही पर्याप्त होगी।नियमों में ऑनलाइन शुल्क भुगतान की सुविधा का प्रावधान किया गया है।
कैल्शियम कार्बाइड के भंडारण के लिए परिसरों की जीओ मैपिंग के प्रावधान को नियमों में शामिल किया गया है, जिसे संबंधित राज्य और केंद्रीय प्राधिकरणों को उपलब्ध कराया जाएगा।
पारदर्शिता बढ़ाने और सूचना तक पहुंच के लिए भंडारण संबंधी जानकारी के उचित रिकॉर्ड और अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए संशोधन किए गए हैं।
अमोनियम नाइट्रेट (संशोधन) नियमावली, 2021 में भंडारण और रखरखाव क्षेत्रों में पर्याप्त अग्निशमन सुविधाओं, भंडारण और रखरखाव क्षेत्र के फर्श में सुधार और सर्विस योग्य जब्त अमोनियम नाइट्रेट की नीलामी एवं उपयोग के लिए उपयुक्त नहीं होने पर उसके निपटान के साथ-साथ बंदरगाह क्षेत्र से सुरक्षा दूरी के विनिर्देश शामिल हैं।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा देने के लिए उसी लाइसेंसधारक को एक स्थान से दूसरे स्थान तक अमोनियम नाइट्रेट का हस्तांतरण करने की अनुमति दी गई है।
इस नियमावली से स्टीवडोर्स (जहाज पर अमोनियम नाइट्रेट की लोडिंग/अनलोडिंग संभालने वाली एजेंसी) के विनियमन को बाहर रखने के लिए नियमों में संशोधन किया गया है।

सुरक्षा गार्डों के लिए पर्याप्त अग्निशमन सुविधाओं और शेल्टरों का प्रावधान किया गया है।बंदरगाहों पर प्राप्त किए गए अमोनियम नाइट्रेट को अब बंदरगाह क्षेत्र से 500 मीटर की दूरी पर स्थित भंडारण गृहों से हटाने/स्थानांतरित करने की आवश्यकता है।

जिला प्राधिकरण या महानिदेशक खान सुरक्षा से अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के लिए आवेदन का निपटान करने के लिए (जांच, देने या अस्वीकार करने के निर्णय सहित) का समय 6 महीने से घटाकर 3 महीने कर दिया गया है।

छोटे भंडारगृहों में जगह और आवश्यक मात्रा की जरूरत के अनुसार छोटे भंडार गृह में अमोनियम नाइट्रेट की भंडारण क्षमता को बढ़ाया गया है।सुरक्षित और तेज निस्तारण के लिए नियमों को अमोनियम नाइट्रेट के जब्त खेपों की नीलामी की अनुमति देने के लिए संशोधित किया गया है।
अमोनियम नाइट्रेट में कदाचार पर अंकुश लगाने के लिए अमोनियम नाइट्रेट को केवल बैग के रूप में आयात करने का प्रावधान किया गया है।इससे बंदरगाह पर खुले अमोनियम नाइट्रेट का रखरखाव करने में कमी आएगी और सुरक्षा में बढोतरी होगी।डुप्लीकेट लाइसेंस प्राप्त करने के लिए आवेदन और शुल्क जमा करने की आवश्यकता को समाप्त कर दिया गया है।सिस्टम द्वारा ऑनलाइन प्रति ही पर्याप्त होगी।

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