बच्चों का पहले स्वागत करने के लिए खड़े थे शिक्षक


18 महीने बाद स्कूलों में लौटी रौनक, कम पहुंचे बच्चे
नवभारत न्यूज
भोपाल, 20 सितंबर. राजधानी भोपाल में 18 महीने के लम्बे इंतजार के बाद पहली से पांचवीं तक के स्कूले खुल गए है. पहले दिन बच्चों के स्वागत के लिए शिक्षक पहले से ही गेट पर खड़े रहे. बच्चों के पहुंचते ही उनको तिलक लगा कर और माला पहना कर स्वागत किया गया.साथ बच्चों को टॉफी भी बांटी गई. हालाकिं पहले दिन स्कूलों बच्चों की संख्या काफी कम रही. सीबीएसई बोर्ड स्कूलों में परिक्षाओं के कारण अभी कक्षाएं शुरू नहीं की गई हैं. स्कूलों में अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल लेकर पहुंचे थे. सहमति पत्र देखकर ही बच्चों को स्कूल में प्रवेश की अनुमति थी. वहीं बच्चों को सुरक्षित शारीरिक दूरी का पालन करते हुए लाइन लगाकर कक्षा में प्रवेश दिया गया. बच्चों को मास्क और हाथ सैनिटाइज कर कक्ष में बैठाया गया. स्कूल में मां सरस्वती की मूर्ति के सामने पूजा,अर्चना की गई. बच्चों ने भी हाथ जोडकर माता सरस्वती से सुरक्षित और स्वस्थ रहने की विनती की. शिक्षकों ने बच्चों को कक्षाओं में बैठाया और पहले दिन उनका परिचय लिया और क विता व क हानियां सुनाई. राजधानी के सरकारी स्कूलों में करीब 25 से 30 फ ीसद उपस्थिति रही. वहीं निजी स्कूलों में करीब 10 फसद उपस्थिति रही.
सारंग पहुंचे बच्चों से मिलने स्कूल
चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग शासकीय नवीन कन्या विद्यालय पहुंचें और बच्चों व शिक्षकों से मुलाकात की. मंत्री ने स्कूल में बच्चों का स्वागत तिलक लगाकर और टॉफ ी और बुक दे कर किया. उन्होंने बच्चों कुछ पढ़ाया भी मंत्री को अपने बीच पा कर बच्चे काफी खुश दिखे. इधर राजधानी के शासकीय उमावि बावडिय़ा कलां में प्रायमरी कक्षाओं को आकर्षक ढंग से सजाया गया. बच्चों को सुरक्षित शारीरिक दूरी का पालन करते हुए स्कूल में प्रवेश दिया गया. बच्चों को तिलक लगाकर और आरती उतारकर कक्षा में बैठाया गया. बच्चों को शिक्षकों ने टॉफ ी भी बांटी. शिक्षक अरविंद भूषण श्रीवास्तव ने बताया कि बच्चों के चेहरे पर पहली बार स्कूल आने की खुशी नजर आई. प्रायमरी कक्षाओं में 153 में से 50 बच्चे स्कूल पहुंचे थे. बच्चों का स्वागत तिलक लगाकर, फ ूल देकर किया गया. वहीं सरोजनी नायडू कन्या स्कूल में प्रायमरी क क्षाओं में रौनक नजर आई. स्कूल में करीब 60 बच्चे अपने माता-पिता के साथ आए थे. सभी से सहमति पत्र लेकर प्रवेश दिया गया.  प्रायमरी की प्रभारी नीना श्रीवास्तव ने बताया कि शिक्षकों को जिम्मदारी दी गई है कि वे बच्चों पर विशेष ध्यान दें.
आज से संख्या बढऩे की उम्मीद
शासकीय सरोजनी नायडू कन्या प्रायमरी स्कूल की एचएम नीना श्रीवास्तव का कहना है कि 50 फ ीसदी क्षमता के साथ स्कूल में बच्चों को बुलाया गया है. आज पहले दिन बच्चों की संख्या काफ ी कम रही है. इसके पीछे सर्दी खांसी और बुखार बच्चों में फैलने का डर भी हो सकता है. उम्मीद है कि कल से कक्षाओं में बड़ी संख्या में बच्चे पहुंचेंगे. हालांकि जिन बच्चों को आज पहले दिन पहुंचने के लिए मैसेज किया गया था उनमें से भी कुछ बच्चों की तबीयत खराब होने के चलते कक्षा में बच्चों की उपस्थिति बेहद कम रही है.

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