अब स्कूली बच्चों को कोरोना से ज्यादा डेंगू का खतरा


विशेषज्ञ बोले छोटे बच्चों को डेंगू का खतरा ज्यादा
बच्चों को डेंगू से बचाने नोडल अधिकारी को किया तैनात
नवभारत न्यूज
भोपाल, 20 सितंबर. कोरोना संक्रमण कम होने के बाद राजधानी भोपाल समेत प्रदेश भर में सोमवार से पहली से 5वीं तक की स्कूल भी खोल दिए गए हंै. लेकिन खास बात यह है कि स्कूलों में कोरोना से बचाव के सावधानी तो दिख रही है लेनिक डेंगू चिकनगुनिया को लेकर लापरवाही दिख रही है. बतांदे कि इन दिनो प्रदेश भर में तेजी से डेंगू और चिकनगुनिया फैल रहा है. जबकि स्कूलों में लेकर कोई सावधानी नहीं दिख रही है. राजधानी के ही कई सरकारी स्कूलों के सामने पानी भरा हुआ है. कई स्कूलों के बथरूम की टंकियों के महीनों से पानी भरा हआ हैं. जिसके कारण बच्चों को कोरोना से ज्यादा डेंगू, चिकनगुनिया का खतारा बढ़ गया है.
विशेषज्ञों का कहना हैै कि बच्चों को डेंगू होने का ज्यादा खतरा रहता है. हालांकि जिला शिक्षा अधिकारी नितिन सक्सेना ने राजधानी में फैले  डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया जैसी बीमारियों के नियंत्रण एवं स्‍कूली बच्‍चों को इन बीमारियों से बचाने के लिए निर्देश जारी किए हैं. स्कूलों में  बचाव के लिए एक नोडल अधिकारी भी नियुक्त किया गया है. इधर सोमवार को राजधानी में कुछ राहत भरी खबर रही डेंगू के केवल 7 मरीज ही सामने आए हैं.
शहर के तीन इलाके से ही आधे मरीज
शहर में डेंगू के लगातार बढ़ते मामलों ने स्‍वास्‍थ्‍य विभाग की चिंता बढ़ा दी है. शहर के कुछ इलाकों में डेंगू का प्रकोप ज्‍यादा है. हर दिन मिलने वाले डेंगू मरीजों में आधे से ज्‍यादा साकेत नगर, बागसेवनिया, बरखेड़ा पठानी में मिल रहे हैं. गौरतलब है कि साकेत नगर 2014 से डेंगू के मामले में संवेदनशील क्षेत्र रहा है, लेकिन इस साल कम मरीज मिल रहे थे. इस वजह से यहां पर डेंगू की रोकथाम के लिए मलेरिया विभाग की तरफ से सक्रियता भी नहीं दिखाई गई. पिछले पांच दिन से यहां हर दिन मरीज मिल रहे हैं. यहां एस के छात्रावासों में भी डेंगू के मामले सामने आ चुके हैं.
डेंगू से बचाव के लिए स्कूलों को यह दिए निर्देश
. स्कूल के अंदर या परिसर में साफ.सफ ाई का ध्यान रखना व पोस्टर,बैनर लगाना होगा.
. सात दिन से अधिक समय तक पानी किसी भी कंटेनर में जमा न होने दें.
. गैरजरूरी कंटेनर, डिस्पोजल, ट्यूब टायर संस्था से बाहर हटवाएं.
. पानी की टंकिया, बर्तन के ढक्कन ठीक से बंद करें.
. किसी भी विद्यार्थी एवं कर्मचारी को बुखार आने पर खून की जांच तुरंत करवाएं.
. स्कूल परिसर में कीटनाशक का छिड़काव करवाया जाए.
बच्चों को डेंगू मलेरिया का खतरा ज्यादा
स्कूल खुल गए है, स्कूलों में छोटे बच्चों को मच्छरों से बचाने के सावधानी बहुत जरूरी है, छोटे बच्चों डेंगू का खतरा ज्यादा रहता है. हालांकिहमारी टीम स्कूलों में भी जगरूता अभियान चला रही है. बच्चों को मच्छरों से होने वाली बीमारियों की जनकारी दी जा रही है. डॉ. अखिलेश दुबे, जिला मलेरिया अधिकारी भोपाल.

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