जीतू की नापसंदगी आड़े आई बागड़ी की राह में!

मालवा- निमाड़ की डायरी
संजय व्यास

जैसा कि कई दिनों से चर्चा चल रही थी कि कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ व प्रदेश प्रभारी जेपी अग्रवाल अनेक पदाधिकारियों की सुस्ती और निष्क्रियता से नाराज हैं. ऐसे पदाधिकारियों को आगाह भी किया गया था कि अपनी कार्यशैली सुघार लें, अन्यथा बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा. इस श्रेणी में इंदौर नगर अध्यक्ष विनय बाकलीवाल का नाम भी शामिल था. अंतत: गत दिवस उन पर गाज गिर ही गई. कुछ माह पूर्व उनकी अगुवाई में संपन्न निकाय चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन निराशाजनक रहा था. उन्हें हटाकर शहर की कमान अरविंद बागड़ी को सौंप दी. इसके साथ ही शहर कांग्रेस में उनका तीव्र विरोध शुरू हो गया.

आनन-फानन उन्होंने अध्यक्ष पद कार्यभार भी संहाल लिया, पर शाम होते उनकी नियुक्ति पर स्थगन आ गया. अब उनका अध्यक्ष पद अधर में है. कहा जा रहा है कि कमलनाथ समर्थक विधायक संजय शुक्ला, विशाल पटेल, शोभा ओझा ने उनका नाम आगे बढ़ाया था, पर जीतू पटवारी को लो प्रोफाइल नेता को अध्यक्ष बनाना नागवार गुजरा. इधर बागड़ी के तगड़े विरोध से उन्हें बल मिला, विरोधी कमलनाथ से चर्चा कर ही रहे थे और जीतू पटवारी ने सीधे कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल से शिकायत व विरोध की बात बताकर इंदौर शहर अध्यक्ष पद होल्ड पर रखवा दिया. अब देखना होगा कि बागड़ी अध्यक्षी पाते हैं या पद के दूसरे तगड़े दावेदार गोलू अग्निहोत्री की इस पद पर ताजपोशी होती है.

भाजपा के बागियों ने किया बेड़ा गर्क

धार जिले में संपन्न निकाय चुनाव में भाजपा के बागियों ने बेड़ा गर्क कर दिया. 9 नगर निकायों में से 6 पर कांग्रेस कब्जा करने में कामयाब रही. कांग्रेस ने भाजपा में बड़े पैमाने पर हुई बगावत पूरा फायदा उठाया और अपनी एकजुटता कायम कर 6 निकायों में परचम फहरा दिया. भाजपा की हार का ठिकरा जिलाध्यक्ष राजीव यादव की मनमानी पर फोड़ा जा रहा है. धार जिले में सत्तारूढ़ भाजपा में सर्वाधिक बगावत धार व पीथमपुर नगर पालिका क्षेत्र में हुई है. जिले की तीन नगर पालिका धार, मनावर व पीथमपुर में से भाजपा ने धार व मनावर पर कब्जा कर लिया. नगर पंचायतों में राजगढ़, सरदारपुर, धामनोद, धरमपुरी, कुक्षी में कांग्रेस का बहुमत है जबकि डही में भाजपा ने एकतरफा परचम लहराया है. हालांकि मतदान पूर्व डेमेज कंट्रोल के लिए मंत्री तुलसी सिलावट और जगदीश देवड़ा ने मोर्चा संहाला था, पर तब तक स्थिति हाथ से निकल चुकी थी.

जनसेवा की बजाए सरकारी नौकरी को तवज्जो

जयस की सक्रिय सदस्य व्हिसल ब्लोअर रेखा निनामा को जनसेवा की बजाए सरकारी नौकरी में अपना भविष्य सुरक्षित नजर आ रहा है. झाबुआ जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 9 से सदस्य जयस की रेखा निनामा अपना पद छोडऩे की तैयारी में हैं. वह जल्दी ही वर्ग तीन शिक्षक बनेंगी. फरवरी में च्वाइस फिलिंग के बाद पोस्टिंग होगी. एक सप्ताह पहले उन्होंने अपने डॉक्यूमेंट जिला शिक्षा अधिकारी से वेरिफाई करवा लिए. प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिला पंचायत सदस्य के पद से इस्तीफा दे देंगी. दरअसल जिपं सदस्य को सिर्फ 4500 रुपए प्रतिमाह मानदेय मिलता है, दूसरी ओर वर्ग तीन में शिक्षक का वेतन लगभग 35 हजार रुपए या इससे ज्यादा संभावित है. ऐसे में रेखा जनप्रतिनिधि बने रहने की बजाय सरकारी नौकरी को तरजीह देंगी. वैसे वे यह भी कह रही हैं कि नौकरी में रहते आने वाले विधानसभा चुनाव में लडऩे की तैयारी कर रही हूं. अवैतनिक अवकाश लेकर चुनाव लड़ा जा सकता है. फिलहाल सरकारी नौकरी उनकी प्राथमिकता है.

नव भारत न्यूज

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