गुजरात व हिमाचल चुनाव परिणाम भविष्य की बानगी

आप के कारण कांग्रेस को हुआ गुजरात में भारी नुक़सान

प्रवेश कुमार मिश्र
नई दिल्ली:
गुजरात व हिमाचल विधानसभा चुनाव परिणाम कहीं खुशी कहीं गम के साथ-साथ भविष्य की बानगी के रूप में कई संदेश लेकर आए हैं . इस चुनाव में जहां एक तरफ भाजपा अपने गढ़ गुजरात में और मजबूत बनकर उभरी है वहीं दूसरी ओर लगातार पराजय का सामना कर रही कांग्रेस पार्टी के लिए हिमाचल के परिणाम ने आक्सीजन का कार्य किया है. इतना ही नहीं दिल्ली से बाहर आम आदमी पार्टी को मतदाताओं ने झटका देकर इनके लोकलुभावन वादों को खारिज कर दिया है.

राजनीतिक जानकार मान रहे हैं कि पिछले कुछ दिनों से राजनीतिक परिचर्चा में गुजरात व दिल्ली के विकास मॉडल की खूब चर्चा होती रही है लेकिन इस चुनाव में दिल्ली के बाहर के मतदाताओं ने आम आदमी पार्टी के दिल्ली मॉडल को न सिर्फ नकार दिया बल्कि 27 साल बाद भी गुजरात मॉडल को गुजरात वालों ने स्वीकृति देकर भाजपाई हौसले बुलंद कर दिए. हालांकि आप ने जिस तरह से गुजरात में भाजपा विरोधी वोट बैंक में सेंधमारी की है उससे उसे भले ही सीट के रूप में कोई फायदा नहीं हुआ है लेकिन वह अपने को कांग्रेस के विकल्प के रूप धर्मनिरपेक्ष वोटबैंक के हिस्सेदार के रूप में खड़ी करने में कामयाब रही है. आप ने गुजरात में 12.9 फीसदी वोट लाकर कांग्रेस को भारी नुक़सान किया जिसके कारण 40 सीट पर आप दूसरे नं पर रही है.

गुजरात चुनाव में कांग्रेस अपनी सबसे खराब हालत में पहुंच गई है . 2017 में लगभग 43 फीसदी वोट पाने वाली कांग्रेस इस बार घटकर 27 फीसदी पर रह गई है. इससे पहले 1990 में कांग्रेस का सबसे बुरा प्रदर्शन देखा गया था. तब पार्टी सिर्फ 33 सीटें जीतने में सफल हुई थी. इसके बाद कांग्रेस की सीटें कुछ हद तक बढ़ती गईं. 2002 में कांग्रेस को 50, जबकि 2007 में 59 सीटें मिली थीं. 2017 में पार्टी ने 77 सीटें जीती थीं और भाजपा को कड़ी टक्कर भी दी थी. लेकिन इस बार कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है. गुजरात के चुनावी इतिहास को देखें 37 साल पहले यानी 1985 में कांग्रेस पार्टी ने माधव सिंह सोलंकी की अगुआई में 149 सीटों पर जीत दर्ज की थी. ऐसे में अगर भाजपा ने 150 सीटों से ज्यादा जीत कर न सिर्फ कांग्रेस का रिकॉर्ड तोड़ दिया बल्कि गुजरात के लिए भी एक नया रिकॉर्ड बना दिया .

गुजरात में भाजपा 1995 के बाद से लगातार सत्ता में बनी हुई है. हालांकि कांग्रेस के लिए हिमाचल से राहत की खबर मिली और वह भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के गृह प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा को शिकस्त देकर अपने लिए उम्मीद बचाने में कामयाब रही है. जानकार मान रहे हैं कि जिस तरह से आप के कारण गुजरात का परिणाम एकतरफा रहा है उसका असर मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भी दिख सकता है. क्योंकि कांग्रेस को भाजपा के अलावा अब आप से सीधी चुनौती मिल रही है जो कांग्रेस के भविष्य के लिए बाधक साबित होगा. हालांकि जानकार मान रहे हैं कि राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का प्रत्यक्ष असर इस चुनाव पर नहीं दिखा लेकिन हिमाचल प्रदेश की जीत ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को कुछ राहत जरूर दी है .

नव भारत न्यूज

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