वीवीआईपी बने आम: पूर्व मंत्री दौड़े सांप पकडऩे,कई के सर व नाक फूटे

खंडवा: राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में अति विशिष्ठ नेता भी सामान्य बनकर लोगों के सामने सड़कों पर हैं। जिन नेताओं के लिए हेलीकाफ्टर खड़ा रहता है। वे धूल में सने होकर राहुल गांधी के लिए भीड़ चीरकर रास्ता बना रहे हैं। 70 की उम्र के पार वाले नेता भी चल रहे हैं। कई तो युवा नेताओं के ेभी पैरों में छाले हो गए। सागर के पूर्व सांसद आनंद अहिरवार एवं कर्नाटक के छह बार मंत्री रहे शिवमूर्ति का भी सर व नाक एसपीजी ने फोड़ दिए।मध्यप्रदेश की सीमा में यात्रा के प्रवेश करते ही पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह व्यवस्था संभालने में सबसे एक्टिव दिखे। वे हर समय राहुल के लिए भीड़ में रास्ता बनाते नजर आए। राहुल का भोजन व व्यवस्थाएं अलग से नियुक्त टीम जुटाती है। भोजन व चाय भी वही बनाती है। कमलनाथ को भी इस यात्रा में वेटेज अच्छा मिला। कमलनाथ सर्दी के दिनों में भी पसीना बहाते रहे हैं। उनकी भी पर्सनल टीम घेरकर चलती है। दिग्विजयसिंह अकेले दिखते हैं।

मनिहार में जहां कैंप लगा था वह एक खुला इलाका था। यात्रियों के लिए बनाए भोजन के कैंप की यह घटना है। इसके पास ही राहुल गांधी का कैंप था। अचानक सांप देखकर कुछ लोग घबरा गए। सांप करीब दो-तीन फीट का था। मप्र के नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह भी वहीं कुर्सी पर बैठे हुए थे। उन्होंने भी सांप को पकडऩे की कोशिश की। सांप पर एक खाली कार्टून फेंका लेकिन सांप पकड़ में नहीं आया। इधर घटना का वीडियो भी बना लिया गया, जो अब सामने आया है। टेंट में मौजूद अन्य लोगों ने सांप को पकड़कर सुरक्षित रूप से बाहर छोड़ा दिया।
सांप मिलने की खबर सुनते ही तुरंत प्रशासन भी चौकन्ना हुआ और मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाली। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने स्थिति का जायजा लेकर भोजन कैंप में फिर से भोजन शुरू करवाया। बता दें कि इन्हीं सब सुरक्षा कारणों के कारण राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा को जंगल से वाहनों द्वारा निकाला जा रहा है।

राहुल की निमाड़ में यात्रा सक्सेजफुल रही। मालवा में रविवार से शुरूआत होगी। निमाड़ी कल्चर के हिसाब से आम महिलाएं जो किसी पार्टी की नहीं थी, उन्होंने अपने गांव की सड़क से निकल रहे मेहमान के लिए सर पर कलश भरकर रखे। कुछ ने फूल तो कुछ हाथ जोड़कर खड़ी थीं। राहुल-प्रियंका भी जिनसे मिल सके, उनके पास पहुंचे। बाकी का हाथ हिलाकर अभिवादन किया। जिन क्षेत्रों से यात्रा निकली। उस गांव व आसपास के बच्चे स्कूल ही नहीं गए। खेतों में किसान नहीं पहुंचे। मजदूर भी राहुल को देखने के लिए छुट्टी मार गए।
यात्रा में ऐसे मिल सकते हैं राहुल से
रस्से के अंदर जाने का सिस्टम भी अलग है। यात्रा के अगले छोर पर कुछ देर दौडऩा पड़ता है।राहुल के साथ अंदर चल रहे दो-तीन बड़े नेता एवं राहुल के साथ हमेशा रहने वाले श्री त्यागी सर पर तिरंगा बांधे चलते हैं। उनके इशारा करते ही संबंधित व्यक्ति को एसपीजी व पुलिस अंदर ले लेती है। राहुल से बात करने या केवल हाथ मिलाने के बाद सीधे बाहर कर दिया जाता है। यात्रा का वीडियो बनाने वाली वेन के ऊपर फिल्म शूट करने वाला कैमरा क्रेन में लगा होता है। वेवसाइट पर टाइमिंग के हिसाब से अपलोड कर दिया जाता है। लोग बारकोड से स्केन करके अपनी क्लीपिंग निकाल लेते हैं।

नव भारत न्यूज

Next Post

डर फैला रहे, संविधान खत्म करने की कोशिश

Sun Nov 27 , 2022
महू में संघ और भाजपा पर फिर हमलावर हुए राहुल गांधी मिलिंद मुजूमदार/ सतीश अमोरा मोरटक्का/ बड़वाह/ महू. भारत जोड़ो यात्रा के दौरान महू में आयोजित सभा में राहुल गांधी ने एक बार फिर से आरएसएस और बीजेपी पर हमला बोला. राहुल ने आरोप लगाया कि आरएसएस और बीजेपी देश […]