मोहनिया टनल में वाहनों की आवाजाही शुरू, लोकार्पण की तैयारी

टनल के अंदर मौजूद हैं कई खूबियां, प्रधानमंत्री से लोकार्पण कराने के लिये चल रहे प्रयास

सीधी :सीधी-रीवा जिले की सीमा पर निर्मित मोहनिया टनल के लोकार्पण में बड़े नेताओं का कार्यक्रम निश्चित होने में हो रहे लंबे विलंब को देखते हुए जन सुविधाओं के मद्देनजर इसमें वाहनों की आवाजाही को प्रारंभ कर दिया गया है। टनल के प्रारंभ होने पर सभी छोटे-बड़े वाहन अब अंदर से बेरोक-टोक निकलने लगे हैं। टनल के आरंभ हो जाने के बाद जो भी वाहन सवार करीब दो किमी. टनल के अंदर से यात्रा कर रहे हैं उन्हे काफी रोमांच का अनुभव हो रहा है।टनल के अंदर से यात्रा करने वाले कई लोगों ने चर्चा के दौरान बताया कि इसके अंदर तेज लाइटिंग समेत सारी सुविधाएं उपलब्ध हैं। साथ ही टनल को अंदर एवं बाहर से काफी आकर्षक भी बनाया गया है। टनल के प्रारंभ हो जाने से सीधी-रीवा के बीच की दूरी भी 7 किमी. कम हो गई है। वाहनों को रीवा और सीधी आने-जाने में समय की बचत भी होने लगी है। जानकारों का कहना है कि टनल के लोकार्पण के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यक्रम को लेने का प्रयास राज्य सरकार द्वारा किया जा रहा था।

जिससे लोकार्पण के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय परिवहन मंत्री नितिन गड़करी एवं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह यहां पधारे। इसको लेकर निर्माण एजेंसी में काफी उत्सुकता भी बनी हुई थी। किन्तु प्रधानमंत्री के कुछ राज्यों में चुनाव के चलते व्यस्त होने के कारण उनका कार्यक्रम फिलहाल मिलना संभव नहीं है। उधर मोहनिया टनल का निर्माण कार्य पूर्ण हो जाने के बाद वाहन सवार भी यहां से लगातार निकलने की जिद पर अड़ रहे थे। ऐसे में जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों से चर्चा के बाद मोहनिया टनल प्रबंधन द्वारा इसको लोगों की सुविधा के लिए प्रारंभ कर दिया गया है। बताते चले कि सीधी-रीवा के सीमा पर स्थित मोहनिया पहाड़ में एक हजार चार करोड़ की लागत से टनल का निर्माण कार्य पूर्ण किया गया है।

टनल का निर्माण कार्य होने के दौरान इसे बहुउपयोगी बनाने का कार्य भी किया गया है। इस बात का खास ध्यान रखा गया है कि भविष्य में वाहनों की संख्या काफी ज्यादा होने के बाद भी किसी तरह की दिक्कतेंं न हो। यहां थ्री-थ्री लेन की दो टनल हैं। एक टनल की चौड़ाई साढ़े 13 मीटर है मसलन एक टनल में एक तरफ से तीन वाहन एक साथ गुजर सकते हैं। दोनों टनल के बीच तीन स्थानों पर इंटरपासिंग की व्यवस्था की गई है। जिससे टनल के अंदर जाने के बाद वाहन बीच से वापस भी लौट सकते हैं। दोनों टनल की लम्बाई 2.29 मीटर है। टनल के बाद सीधी की ओर से 12.5 मीटर और रीवा की तरफ 500 मीटर की एप्रोच रोड है। दरअसल राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-39 रीवा-सीधी की दूरी पूर्व में 82 किमी थी। अब टनल के प्रारंभ हो जाने के बाद यह दूरी 75 किमी ही रह गई है।

पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगी टनल
सीधी-रीवा की सीमा पर स्थित मोहनिया टनल प्रदेश की पहली बड़ी टनल है। शासन द्वारा इसे बहुउपयोगी बनाने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाई गई है। यह टनल अपने आप में कई खास विशेषताओं को लेकर तैयार की गई है। टनल के ऊपर से वाहनों के साथ-साथ नहर व रेल लाइन भी गुजरेगी। इस टनल के शुरू होने का लोग काफी बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। मोहनिया टनल को पर्यटन के रूप में विकसित करने के लिए भी कार्य शुरू होंगे। मोहनिया टनल के अंदर जहां आकर्षक लाइटें और अन्य सुविधाएं मौजूद हैं जिसका लुत्फ पर्यटक भी उठाएंगे। मोहनिया टनल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए विशेषज्ञों से आवश्यक चर्चा की जा रही है। जिससे मोहनिया टनल को पर्यटन के रूप में भी विकसित करने के लिए सभी आवश्यक कार्यों को पूर्ण कराया जा सके। मोहनिया टनल के अंदर सीसीटीव्ही कैमरे, पंखे और फायरिंग सिस्टम लगाए गए हैं। जिससे इसके अंदर से गुजरने वाले वाहनों को किसी तरह की दिक्कतें न हो और उनकी गतिविधियां भी सीसीटीव्ही कैमरें में कैद होती रहें।

इनका कहना है
हमने इस मामले में सीधी सांसद, विधायक सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों से चर्चा की। उनके निर्देश पर मोहनिया टनल को वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया है। टनल का कार्य पूर्ण हो जाने के बाद से ही वाहन सवार अंदर से गुजरने के लिए जिद करते थे। मोहनिया पहाड़ के घुमावदार सड़क और चढ़ाई के चलते लोगों को निश्चित ही परेशानी का सामना करना पड़ता था। अब टनल के जरिए वाहनों को निकलने से वह कम समय में मोहनिया पहाड़ को क्रास कर रहे हैं। टनल के उद्घाटन को लेकर बड़े नेताओं का कार्यक्रम निश्चित होगा तो उस दौरान भव्य आयोजन किया जाएगा।
धर्मेन्द्र त्रिपाठी, लाइजिनिंग मैनेजर मोहनिया टनल

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