गोली-बिस्कीट की तरह बिक रहा डोडाचूरा?

कई ढाबे वाले बने मादक पदार्थो के रिटेलर

मंदसौर: मंदसौर जिला काले सोने और उसके उत्पादों की तस्करी के मामले में देश में बदनाम है। यहां बात करें मादक पदार्थों की तस्करी की तो हरियाणा-पंजाब तो डोडाचूरा की तस्करी हो ही रही है। मंदसौर जिले में हाईवे पर रिटेल में डोडाचूरा बिक रहा है। ट्रक चालकों को यह डोडाचूरा बेचा जा रहा है। विगत दिनों मल्हारगढ़ पुलिस की कार्रवाई ने एक बार फिर इस बात को प्रमाणित कर दिया है। जिसमें पुलिस ने ढाबे के पास से ट्रक में लोड हो रहे सत्तावन किलो डोडाचूरा जब्त किया। मामले में ढाबा संचालक के खिलाफ भी केस दर्ज किया है। इसके पहले दो माह पूर्व दलोदा पुलिस ने भी कार्रवाई की थी। जिसमें मादक पदार्थ के तस्कर आरोपी ने बताया कि डोडाचूरा छोटे छोटे पैकेट में भरकर ट्रक चालकों को बेचा जाता है। मतलब साफ है कि मादक पदार्थ के होलसेलर से लेकर रिटेलर तक मंदसौर जिले में तैयार है। जिसमें कई ढाबे रिटेलर और होलसेलर तक की भूमिका निभा रहे हैं।

लगातार ऐसी कार्रवाई देखने को मिल रही है जिसमें पुलिस दस किलो या बीस किलो डोडाचूरा जब्त कर रही है। यह तय है कि दस बीस किलो डोडाचूरा हरियाणा या पंजाब या अन्य किसी राज्य में नहीं जा रहा था। तय है कि डोडाचूरा की सप्लाय जिले में ही कहीं न कहीं हो रही है। डोडाचूरा का होलसेल और रिटेल बाजार जिले में तैयार हो चुका है। अगर यह कहे कि यह एक बड़ी गैंग बन चुकी है तो भी गलत नहीं होगा। गोली बिस्कीट की तरह कंपनी, होलसेलर और उसके बाद रिटेलर के पास माल पहुंच रहा है। रिटेलर के पास पहुंचने के बाद उसे छोटे छोटे पैकेट में भरा जाता है। यह पैकेट राजमार्ग पर ट्रक चालकों को बेचे जाते हैं। इस तरह से अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस तरह से मंदसौर जिला डोडाचूरा के अवैध धंधे की जद में आ चुका है।
ढाबों पर काम करने वाले कर्मचारी रिटेलर
पहले ढाबों पर डोडाचूरा ट्रक चालकों को बेचने की कई चर्चाएं सामने आया करती थी। लेकिन शराब ढाबों पर परोसे जाने की खबरों के बाद पुलिस लगातार जांच पड़ताल कर रही है। शराब के मामले में कोई बड़ा केस नहीं बनता, लेकिन डोडाचूरा के मामले में बड़ी धराओं में केस दर्ज होता है। यहीं कारण है कि ढाबों पर अब डोडाचूरा मिलने की चर्चाएं कम हो गई है। लेकिन पुलिस सूत्रों के अनुसार ढाबों पर काम करने वाले कर्मचारियों या पूर्व कर्मचारियों की ट्रक चालकों से खासी पहचान हो चुकी है। अब यहीं कर्मचारी ट्रक चालको ंको डोडाचूरा उपलब्ध कराते हैं।
हाईवे पर बेचने में मुनाफा ज्यादा
यह तय है कि डोडाचूरा जैसी किसी प्रतिबंधित वस्तु को छोटे पैकेट में बेचा जाए तो मुनाफा ज्यादा होगा। मिलावट के साथ ही इसकी कीमत दुगुनी हो जाती है। यह तय है कि हाईवे पर पैकेट में डोडाचूरा ट्रक चालकों को बेचने पर मुनाफा ज्यादा होता है। जिससे कई रिटेलर जिले में तैयार भी हो रहे हैं।

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