भाजपा के अग्रिम संगठनों का कामकाज संतोषजनक नहीं

सियासत

भाजपा संगठन के 56 प्रकोष्ठ और मोर्चे हैं। इनमें से अधिकांश में नियुक्तियां हो चुकी हैं, लेकिन देखने में यह आ रहा है कि मोर्चे और प्रकोष्ठ सक्रिय नहीं हो पा रहे हैं। पार्टी में खास तौर पर भारतीय जनता युवा मोर्चा, महिला मोर्चा, किसान मोर्चा, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति मोर्चा महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इन सभी मोर्चों को नए सिरे से सक्रिय करने की आवश्यकता महसूस हो रही है।विक्रांत भूरिया के नेतृत्व में जिस तरह से युवक कांग्रेस सक्रिय है उसके मुकाबले भारतीय जनता युवा मोर्चा बिल्कुल भी प्रभाव नहीं छोड़ पा रहा है। उसका कारण भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष वैभव पवार की नाकामी है। वैभव पवार प्रदेश में अपनी पहचान नहीं बना पाए हैं। भारतीय जनता युवा मोर्चा की मालवा निमाड़ में भी स्थिति खराब है। पिछली बार जब भाजयुमो के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी सूर्या आए थे तो उन्होंने कार्यकारिणी का गठन नहीं होने पर नाराजगी जताई थी।

इसके बाद ताबड़तोड़ तरीके से इंदौर नगर की कार्यकारिणी घोषित की गई। इस कार्यकारिणी के कारण भी असंतोष सामने आया है। नवगठित कार्यकारिणी से दो पदाधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया। नगर अध्यक्ष सौगात मिश्रा पर मीडिया में आरोप लगाए जा रहे हैं। भारतीय जनता युवा मोर्चा की जो स्थिति है वही अनुसूचित जाति, किसान मोर्चा और अनुसूचित जनजाति मोर्चा की है।इन तीनों मोर्चों को मालवा निमाड़ में अधिक सक्रिय होना चाहिए था क्योंकि इस क्षेत्र में दलित और आदिवासी बड़ी संख्या में रहते हैं। इस क्षेत्र में 80 फ़ीसदी आबादी किसानी पर निर्भर है। इन तीनों मोर्चों की गतिविधियां मालवा निमाड़ अंचल में ना के बराबर है।

इस स्थिति से भी प्रदेश संगठन चिंतित है। कुल मिलाकर भाजपा ने अग्रिम संगठनों को नए सिरे से सक्रिय करने की कोशिश कर रही है।मालवा निमाड़ के नगरीय निकाय चुनाव में भी यह बात सामने आई कि भाजपा के अग्रिम संगठनों का कामकाज संतोषजनक नहीं है। इस संबंध में क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल की हाल ही की अलीराजपुर, झाबुआ और बड़वानी की यात्रा के दौरान उन्हें भारतीय जनता युवा मोर्चा और अनुसूचित जनजाति मोर्चे की निष्कि्रयता के फीडबैक मिला है। क्षेत्रीय संगठन महामंत्री के संबंध में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष से चर्चा करेंगे। इसके बाद कोई निर्णय लिया जाएगा।

नव भारत न्यूज

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