आय से अधिक संपत्ति प्रकरण की 4 साल बाद पूरी हुई विवेचना

करोड़पति तिवारी परिवार के खिलाफ ईओडब्ल्यू ने पेश किया अभियोग पत्र
जबलपुर:आय से अधिक संपत्ति मामले में 13 अगस्त 2018 को फंसे कोदू प्रसाद तिवारी, श्रीमति गिरिजा देवी (पत्नि), राकेश तिवारी (पुत्र), श्रीमति प्रीति तिवारी (पुत्रवधु) के खिलाफ ईओडब्ल्यू ने करीब चार साल तक विवेचना की। जांच पूर्ण होने के बाद सोमवार को चार साल बाद न्यायालय में करोड़पति तिवारी परिवार के खिलाफ अभियोग पत्र पेश किया गया।ईओडब्लयू एसपी देवेन्द्र प्रताप सिंह राजपूत के मुताबिक कोदू प्रसाद तिवारी, श्रीमति गिरिजा देवी (पत्नि), राकेश तिवारी (पुत्र), श्रीमति प्रीति तिवारी (पुत्रवधु ) के विरूद्ध आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप लगाये गये थे।

आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ने जाँच उपरांत 13 अगसत 2018 को प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया गया था। प्रकरण की विवेचना के दौरान 5 सितम्बर 2018 को कोदू प्रसाद तिवारी के ए.पी. आर. कॉलोनी कटंगा, जबलपुर, प्रभात विहार कॉलोनी, सतना एवं ग्राम बराकला, जिला सतना स्थित निवास गृहों के साथ ही सतना शहर के राजेन्द्र नगर मुख्य मार्ग पर स्थित शिवम् पेट्रोल पम्प पर ईओडब्ल्यू की टीमों के द्वारा सर्च की कार्यवाही की गई थी।

जिसमें नगदी 23,07,195 रूपये, सोने के जेवर / बिस्किट वजन वजन 4.5 कि.ग्रा. चांदी के जेवर 3.8 कि.ग्रा. तत्का. कुल मूल्य 88,17,609 , अचल संपत्ति 4,00,39,470 रूपये, इन्वेन्ट्री 61,23,555 रूपये, 20,00,000 रूपये के वाहनों की जानकारी मिली थी। 17 जून 2020 को न्यायालय के समक्ष याचिका प्रस्तुत कर आरोपियों की संपत्ति को अंतरिम रूप से कुर्क कराया गया था। प्रकरण की विवेचना पूर्ण होने के उपरांत सोमवार को विशेष न्यायालय जबलपुर के समक्ष आरोपीगण के विरूद्ध अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया।

नव भारत न्यूज

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