न्यायालय विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट न्यायालय देवसर के द्वारा सुनाया गया अहम निर्णय

सिंगरौली : न्यायालय विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट न्यायालय देवसर के पीठासीन श्यामसुंदर झा के द्वारा गड़वानी में संचालित एमपीएन पब्लि स्कूल में पदस्थ शिक्षक ने एक 10 वर्ष की मासूम बालिका के साथ दुराचार के मामले में 20 वर्ष की सजा सुनाई गयी है।लोक अभियोजन के अनुसार 9 सितम्बर 2020 को पीडि़ता उम्र करीब 10 वर्ष अपने माता-पिता के साथ पुलिस थाना चितरंगी में इस आशय की रिपोर्ट लिखायी की वह एमपीएन पब्लिक स्कूल गड़वानी में कक्षा 5 वीं में पढ़ती है और उस विद्यालय का शिक्षक आरोपी प्रवीण वैस पिता राजाराम बैस उम्र 34 वर्ष निवासी ग्राम जोगिनी आरक्षी केन्द्र जियावन के यहां वह ट्यूशन पढऩे जाती है।

करीब 11 बजे सभी छात्र ट्यूशन पढ़कर चले गये तब आरोपी ने पीडि़ता से कहा कि वह आधा घण्टा विलम्ब से आयी है कुछ देर बाद चली जाये। उसके बाद आरोपी पीडि़ता को अपने शयनकक्ष में ले गया और उसे विस्तर पर बैठाकर पढ़ाने लगा। कुछ देर बाद पीडि़ता को आरोपी ने गलत काम करने के इरादे से उसे पकड़ा और पीडि़ता के साथ गलत काम बलात्कार किया। पीडि़ता के रोने पर उसके पिता को फोन करके कहा कि पीडि़ता रो रही है वह आकर ले जायें। पीडि़ता का कहना था कि आरोपी पिछले वर्ष भी ऐसा गलत काम किया था लेकिन पीडि़ता भय के कारण किसी से नहीं बतायी।

पीडि़ता के मौखिक शिकायत के आधार पर थाना चितरंगी में आरोपी के विरूद्ध एफआईआर दर्ज किया गया। न्यायालय द्वारा इस मामले के समस्त तथ्य एवं परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए आरोपी प्रवीण बैस के विरूद्ध धारा 376 ए बी भादवि, 5 (एम)/06, 5 (एल)/06, 5 (ओ)/06, पाक्सो एक्ट यानी सभी धाराओं के तहत 20 वर्ष की कठोर सजा एवं 5-5 हजार रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है। आरोपी पर अधिरोपित मुख्य कारावास के उस सभी दण्ड एक साथ भुगताये जायेंगे। म.प्र.अपराध पीडि़ता प्रतिकर योजना 2015 के अंतर्गत पीडि़ता को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सिंगरौली मुख्यालय बैढऩ के माध्यम से प्रतिकर दिलाये जाने की अनुशंसा की गयी है।

नव भारत न्यूज

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