कलयुगी बेटे ने ही मॉ का गला दबाकर किया था हत्या

लंघाडोल पुलिस ने अंधी हत्या की गुत्थी सुलझाने का किया दावा,मुआवजे के दस्तावेज को लेकर दोनों के बीच हुआ था विवाद

सिंगरौली : लंघाडोल थाना क्षेत्र के झलरी गांव निवासी एक महिला को उसके छोटे बेटे ने इस बात के लिए मौत के घाट उतार दिया कि मॉ कहीं मिलने वाले मुआवजे की राशि सभी भाईयों में न बाट दें और मुआवजे का दस्तावेज लेने मॉ के घर गया हुआ था। जहां दस्तावेज न मिलने पर मॉ के साथ झगड़ा करते हुए गला दबाकर हत्या कर दिया।पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक 12 सितम्बर को लक्षनधारी सिंह गोंड़ पिता स्व.शिव बालक सिंह गोंड़ उम्र 25 वर्ष ने थाने में रिपोर्ट दर्ज करायी की मेरी मॉ की मृत्यु अज्ञात कारणों से हो गयी है। जिस पर पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेते हुए घटना स्थल पर एफएसएल टीम, डॉग स्क्वाड एवं फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट के माध्यम से पंचनामा तैयार कराया गया।

पोस्टमार्टम के उपरांत आयी रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख था कि मृतका सोनकुंवर सिंह गोंड़ की मृत्यु किसी व्यक्ति के द्वारा गला दबाकर की गयी है। जिसके बाद लंघाडोल पुलिस ने मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को देते हुए अज्ञात आरोपी के विरूद्ध भादवि की धारा 302 के तहत अपराध पंजीबद्ध करते हुए विवेचना में जुट गयी। विवेचना व लोगों से पूछताछ के दौरान यह बात सामने आयी कि मुआवजे के दस्तावेज को लेकर मृतिका का छोटा बेटा मोहन सिंह गोंड़ की मॉ के साथ लड़ाई हुई थी। जिस पर पुलिस आरोपी को तलाश कर गिरफ्त में लेते हुए पूछताछ की तो आरोपी ने भी मॉ की गला दबाकर हत्या किये जाने का जुर्म कबूल किया है। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश करते हुए जेल भेज दिया है। उक्त अंधी हत्या की गुत्थी सुलझाने में थाना प्रभारी उप निरीक्षक बालेन्द्र त्यागी, सहायक उप निरीक्षक कमलेश प्रजापति, ज्ञानेन्द्र पटेल, परमहंस पाण्डेय, प्रआर रामनरेश प्रजापति, संत कुमार प्रजापति, आर.पुष्पराज सिंह, फतेबहादुर सिंह, नीरज सिंह, राहुल खजुरिया, आबिद कुरैशी, संतोष राठौर, चिंटू सिंह, दिलेन्द्र यादव, दिवाकर सिंह की भूमिका सराहनीय रही।

करीब 32 एकड़ भूमि का मिलना था मुआवजा
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मृतिका सोनकुंवर सिंह के नाम पर 30-32 एकड़ जमीन व घर ग्राम झलरी में है। जिसका भू-अर्जन एपीएमडीसी कंपनी के द्वारा किया गया था, परन्तु किसी कारण वश मुआवजे की राशि नहीं आयी थी और मामला कोर्ट में विचाराधीन है। मृतिका का छोटा बेटा मोहन सिंह मुआवजे के समस्त रिकार्ड व दस्तावेज अपने पास रखता था और उसकी इच्छा थी की मुआवजे की सारी राशि उसे मिले। लेकिन इसी दौरान 11 सितम्बर को मृतिका सभी दस्तावेज बेटे से ले लिये थे। जिसके बाद छोटा बेटा मोहन सिंह गोंड़ फिर से दस्तावेज लेेने के लिए पहुंचा था। लेकिन दस्तावेज दिये जाने से मना करने पर मॉ के साथ झगड़ा विवाद करते हुए गला दबाकर मौत के घाट उतार दिया।

अत्यधिक लालच ने बेटे से करायी मॉ की हत्या
मृतिका सोन कुंवर सिंह गोंड़ के छोटे बेटे मोहन सिंह गोंड़ को इस बात का लालच का था कि कहीं मॉ दस्तावेज ले जाने के बाद मुआवजे की सारी राशि मॉ के पास न पहुंच जाये नहीं तो वह मुआवजे की राशि को हम भाईयों में बराबर-बराबर बाट देगी। जिससे हमें कम रूपये मिलेगा। इसी लालच में आकर आरोपी मॉ से दोबारा मुआवजे के दस्तावेज को लेने पहुंचा था जहां दस्तावेज न मिलने पर उसने मॉ का गला दबाकर हत्या कर दिया।

नव भारत न्यूज

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