जीएमसी में डेंगू का डंक 15 जूनियर डॉक्टर पीडि़त

राजधानी में 100 के करीब पहुंची डेगू मरीजों की संख्या
नवभारत न्यूज भोपाल,  राजधानी भोपाल में मच्छर जनित बीमारियां पैर पसारने लगी है. शहर में डेगू के 99 मरीज मिल चुके हैं. खास बात यह है कि जो दूसरों का इलाज करने है वहीं डेंगू, चिकनगुनिया के चपेट में आने लगे हैं. दरअसल गुरुवार को गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) में 10 यूजी और 5 पीजी के छात्र डेंगू पीडि़त निकले है. इसमें से 4 हमीदिया में भर्ती है. वहीं, 3 छात्र मलेरिया से भी पीडि़त है. फि लहाल सभी का इलाज चल रहा है. भोपाल में 7 महीने में डेंगू पीडि़तों की संख्या 100 के करीब पहुंच गई है.
साफ.सफ ाई और दवा का छिड़काव की मांग
गांधी मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. हरीश पाठक ने बताया कि कॉलेज में डेंगू और मलेरिया केसेस की सख्या बढ़ रही है. इसकी चपेट में यूजी और एवं पीजी छात्र आ रहे है. उन्होंने कहा कि अब तक करीब 18 छात्र प्रभावित हुए है. इसमें पीजी के भी 3 से 4 छात्र है. उन्होंने कॉलेज के डीन और अस्पताल के अधीक्षक से हॉस्टल की साफ.सफ ाई और दवा का छिड़काव करने को लेकर की मांग की.
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. अखिलेश दुबे ने बताया कि कॉलेज में 5 डेंगू मरीज मिले है. हॉस्टल की साफ.सफ ाई और दवा का छिड़काव कि या गया है. उन्होंने कहा कि जनता जिला मलेरिया कार्यालय से मच्छर का लार्वा खाने वाली गंबूसिया मछली भी नि:शुल्क ले सकते है. भोपाल में जहां डेंगू के 99 मरीज मिले हैं वहीं चिकनगुनिया के 27 और मलेरिया के 22 मरीज अब तक मिल चुके है.
इन बातों का रखे ख्याल
अपने आसपास की जगहों को साफ करके रखने से आप मच्छरों को आसानी से दूर रख सकते हैं.
किसी जगह रुके हुए पानी में मच्छर पनप सकते हैं और इसी से डेंगू भी फैल सकता है.
जिन बर्तनों का लंबे समय तक इस्तेमाल नहीं होना हो उनमें रखे हुए पानी को नियमित रूप से बदलते रहें.
गमलों के पानी को हर हफ्ते बदलते रहें.
सोते वक्त मच्छरदानी लगाएं.
मच्छरों के काटने से बचने के लिए शरीर को पूरे ढक कर रखने वाले कपड़े पहने.

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